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हम जो सुनते हैं उसे गुनते नहीं : संभव राम

हिन्दुस्तान टीम,चंदौलीNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 03:13 AM
हम जो सुनते हैं उसे गुनते नहीं : संभव राम

चंदौली²²ÜÜÜ। हिटी

ज्यादातर तो यही देखने में आता है कि हमलोग समय बहुत बर्बाद करते हैं। हम जिस चीज के लिए धार्मिक-आध्यात्मिक स्थलों पर आते हैं। गोष्ठियों में सुनते-सुनाते हैं, वह हममें दिखता नहीं होती। इन स्थानों पर आकर भी हम परिवार या काम-धंधे में ही सीमित रह जाते हैं। हम जो अच्छी बातें सुनते हैं उसे गुनते नहीं। जीवन में उतारने के लिए तत्पर नहीं होते। परिणामस्वरूप सभी असंतुष्ट और अस्वस्थ हैं।

ये बातें श्रीसर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम ने सोमवार को कहीं। वह परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम के 30वें महानिर्वाण दिवस पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यहां आकर हम अवश्य ही कुछ सोचें-समझें और उसे जीवन में उतारने के लिए कृतसंकल्पित हों। हमने अपने नरक का निर्माण स्वयं ही किया है। स्वार्थ में इतने डूबे हैं कि राष्ट्र के विपरीत भी कार्य करने को तैयार हो जाते हैं। धन-संपत्ति या अधिकार का दुरुपयोग हमें अनेक परेशानियों में डाल देता है। कोरोना काल में काम-धंधे के बंद होने से अर्थाभाव में बहुत लोगों का मानसिक संतुलन बिगड़ा है। महापुरुषों की वाणी इससे छुटकारा दिला सकती है। प्रदूषण, भ्रष्टाचार, घूसखोरी, मिलावटखोरी जैसी अनेक समस्याओं पर लगाम बहुत जरुरी है।

इन्होंने भी रखे विचार

गोष्ठी के अन्य वक्ताओं में अघोर शोध संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार, भोपाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. शिवशंकर सिंह, पुलिस अधीक्षक, रेलवे गोरखपुर अवधेश सिंह, जौनपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता केडी. सिंह ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. बामदेव पाण्डेय, धन्यवाद ज्ञापन पारस नाथ यादव ने किया।

अघोरेश्वर की मूर्ति का अनावरण

इस अवसर पर प्रात: पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम ने अघोरेश्वर महाप्रभु की संगमरमर की मूर्ति का अनावरण किया। बाबा ने माल्यार्पण, पूजन के बाद आरती की। पृथ्वीपाल ने सफलयोनि पाठ किया। हवन के उपरांत गुरुपद संभव राम ने परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम की समाधि की पांच बार परिक्रमा की। इसी के साथ चौबीस घंटे का अखंड संकीर्तन आरंभ हुआ।

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