गांव को हाइवे से जोड़ने वाला मार्ग हुआ बदहाल
Chandauli News - नियामताबाद, हिन्दुस्तान संवाद। विकासखंड के गोधना गांव को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाला
नियामताबाद, हिन्दुस्तान संवाद। विकासखंड के गोधना गांव को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाला गोधना की मड़ई का कच्चा मार्ग ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। करीब 800 मीटर लंबा यह कच्चा रास्ता बरसों से पक्कीकरण की बाट जोह रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब आठ वर्ष पहले इस मार्ग का निर्माण महेवा ग्राम पंचायत की ओर से कराया गया था, लेकिन आज तक इसे पक्का नहीं किया गया, जिससे आवागमन में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रामअवध, दलसिंगार, अनिल, विजय, चंद्रशेखर आदि ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग गोधना गांव को नेशनल हाईवे से जोड़ने का रास्ता है।
इस मार्ग से गांव के लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आवागमन करते हैं। कच्चा होने के कारण बरसात के दिनों में यह मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन फिसलने के डर से धीरे-धीरे निकलते हैं, वहीं कई बार वाहन फंस जाने की घटनाएं भी सामने आती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में बच्चों का स्कूल जाना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। कीचड़ और गड्ढों से भरे रास्ते पर फिसलने का डर बना रहता है। वहीं बुजुर्गों और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस का इस मार्ग से गुजर पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कच्चे मार्ग के कारण गांव की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में कठिनाई होती है। बारिश के समय ट्रैक्टर और अन्य कृषि वाहन रास्ते में फंस जाते हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। कई बार मजबूरी में किसानों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ता है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब यह मार्ग करीब आठ वर्ष पहले ग्राम पंचायत की ओर से बनाया गया था तो अब तक इसे पक्का हो जाना चाहिए। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुविधाएं नहीं मिल सकीं। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गांव के लोगों ने बताया कि चुनाव के समय इस मार्ग के पक्कीकरण का आश्वासन दिया जाता रहा है। हर बार आश्वासन के बाद ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे रहते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही यह मुद्दा फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही मार्ग का पक्कीकरण नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि 800 मीटर के इस छोटे से मार्ग को पक्का करने में ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा, लेकिन इसके पक्का हो जाने से पूरे गांव को बड़ी राहत मिलेगी। गांव के लोग सीधे और सुरक्षित रूप से नेशनल हाईवे तक पहुंच सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। इस संबंध में जब ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से बात की तो उन्हें जल्द ही समस्या के समाधान का भरोसा दिया गया। ग्रामीणों की मांग है कि शासन-प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द मार्ग का पक्कीकरण कराए। उनका कहना है कि विकासखंड स्तर पर यदि समय रहते इस ओर ध्यान दिया गया होता तो आज उन्हें इस परेशानी से नहीं जूझना पड़ता। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि उनकी आवाज अब सुनी जाएगी और जल्द ही गोधना गांव को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाला यह मार्ग पक्का होकर ग्रामीणों को राहत देगा।
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