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चंदौली

हर हर महादेव के जयकारे से गूंजा शिवालय

हिन्दुस्तान टीम,चंदौलीPublished By: Newswrap
Tue, 27 Jul 2021 03:31 AM
पीडीडीयू नगर। सावन माह के पहले सोमवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दर्शन पूजन...
1 / 2पीडीडीयू नगर। सावन माह के पहले सोमवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दर्शन पूजन...
पीडीडीयू नगर। सावन माह के पहले सोमवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दर्शन पूजन...
2 / 2पीडीडीयू नगर। सावन माह के पहले सोमवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दर्शन पूजन...

पीडीडीयू नगर। कार्यालय संवाददाता

सावन माह के पहले सोमवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दर्शन पूजन किया। घंट-घड़ियाल के आवाज के बीच हर-हर महादेव के जयकारे से समूचा वातावरण गुंजयमान होता रहा। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। वहीं समाज में कोरोना महामारी से मुक्ति की भी मुरादें मांगी।

जिले के प्राचीन कालेश्वर महादेव मंदिर व जागेश्वरनाथ मंदिर के अलावा बिलारीडीह शिव मंदिर व वेद व्यास मंदिर में सर्वाधिक भीड़ देखने को मिली। यहां अलसुबह से ही दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लग गई। श्रद्धालुओं को कोविड प्रोटोकॉल के तहत बारी-बारी से दर्शन पूजन करने का मौका मिला। सावन के पहले सोमवार को बाबा के दरबार में हाजिरी लगाकर भक्त निहाल हो गए। शहर के कैलाशपुरी, रविनगर, शाहकुटी, लाठ नंबर दो, चतुर्भुजपुर, अलीनगर, नईबस्ती के साथ रेलवे के आरपीएफ कॉलोनी, डीजल कॉलोनी, मानसनगर आदि कॉलोनियों के शिव मंदिर में लोगों ने दर्शन पूजन किया। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा आदि अर्पित कर विधि विधान से पूजा अर्चना की। प्राचीन शिवालयों के समीप पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही लाउड स्पीकर से कोविड प्रोटोकॉल के पालन की बीच-बीच में अपील भी की जा रही है।

व्रत रखकर महादेव की आराधना

सावन के पहले सोमवार को कई महिला व पुरुष ने व्रत भी रखा। सुबह स्नान ध्यान के बाद घर के ही पूजा स्थल पर भगवान शंकर की सविधिक पूजा अर्चना की। परिवार के साथ महादेव की आरती कर सुख समृद्धि की कामना की। वहीं दिनभर व्रत रखकर शाम को आराधना के बाद फल व कलमूंद का सेवन किया।

गली-मोहल्ले के मंदिरों में टूटा गाइडलाइन

कोरोना महामारी की वजह से शासन की ओर से इस बार कावड़ यात्रा पर रोक लगा दी गई है। वहीं मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया गया है। जिले के प्राचीन शिवालयों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन काफी हद तक देखने को मिला। पुलिस कर्मियों के अलावा मंदिर समिति के सदस्य भी सक्रिय रहे। लेकिन गली-मोहल्ले के मंदिरों में गाइडलाइन पहले सोमवार को ही तार-तार हो गई। इन मंदिरों में एक साथ महिलाओं व पुरुषों की भीड़ जुटी रही। सोशल डिस्टेंस तो दूर अधिकांश श्रद्धालुओं के चेहरे पर मास्क तक नहीं दिखा।

मेला नहीं लगने से हुई मायूसी

हर साल सावन माह की शुरुआत होने के साथ ही प्राचीन शिवालयों के समीप मेला सज जाता था। मेला में झूला-चरखी के अलावा चाट-पकौड़े व अन्य सामानों की दुकानें सजती थीं। इस बार कोरोना महामारी की वजह से मेला लगाने की छूट नहीं मिली। इससे श्रद्धालुओं को शिवालयों में दर्शन पूजन के बाद मेला का लुत्फ उठाने का मौका नहीं मिला। खासकर महिलाओं व बच्चों में मेला नहीं लगने से मायूसी देखने को मिली।

बाजार में दिनभर रही चहल पहल

सावन के पहले सोमवार को बाजार में दिनभर चहल-पहल देखने को मिली। बाजार में फल व फूल मालाओं के अलावा पूजा सामग्री की खूब बिक्री हुई। सावन माह की शुरुआत के साथ फलों व मालाओं की कीमत में भी इजाफा कर दिया गया। इससे लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा।

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