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दस दिन बाद भी नहीं मिला लापता वनकर्मी

काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर के जयमोहनी रेंज में माली के पद पर कार्यरत 45 वर्षीय दूधनाथ यादव का रहस्यमय तरीके से गायब होने के दस दिन बाद भी कहीं अता-पता नहीं चल सका। पुलिस व वन विभाग भी खासा हलकान है। दस दिन बाद उसके खोजबीन में शिथिलता से वन विभाग चतुर्थ श्रेणी  राज्य कर्मचारी संघ में आक्रोश बढ़ने लगा है। 
वनकर्मी दूधनाथ एक सितंबर की सुबह करीब  7 बजे सोनभद्र जिले के बट गांव अपने घर से एक लाख 76 हजार रुपये लेकर बाइक से श्रमिकों का भुगतान करने निकला। वह मद्धूपुर बाजार में पहुंचने के बाद एक चाय पान की दुकान पर बैठकर चाय पी। उसके बाद कपड़े की खरीदारी की। उसी के बाद से वह लापता हो गया। वहीं 2 सितंबर को चिकनी पोस्ता नाला में एक महिला से साइकिल मांगते हुए व  3 सितंबर को जंगल में ही शौच करते और 4 सितंबर को सुबह नया कपड़ा पहन सोनभद्र जिले के सीमा स्थित धौठवां गांव के समीप हाथ में झोला लेकर पैदल जाते हुए देखा गया। इसकी पुष्टि पुलिस ने वन क्षेत्र के गांव व बस्ती के रहवासियों का बयान लेने के बाद किया है। वहीं पांच सितंबर को सुबह चिकनी पहाड़ी के टेवनवां जंगल से वनकर्मी की पेंट, शर्ट, गमछा, मोबाइल, आधारकार्ड व अन्य कागजात के साथ ही जहरीला पदार्थ का रैपर बरामद मिला। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ जंगल में सघन खोज अभियान चलाया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। दूधनाथ अपहरण होने का स्वांग रच रहा है या फिर उसके साथ कोई अनहोनी घटना हुई है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह का कहना है कि हर संभावित जगहों पर तलाश की जा रही है। 

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  • Web Title:Ten days later missing van worker