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बोले चंदौली: सड़क में गढ्ढे या गढ्ढे में सड़क, जिम्मेदार बेपरवाह

बोले चंदौली: सड़क में गढ्ढे या गढ्ढे में सड़क, जिम्मेदार बेपरवाह

संक्षेप:

Chandauli News - नियामताबाद, हिन्दुस्तान संवाद। जिले में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और उसके बाद आई

Oct 18, 2025 07:39 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चंदौली
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नियामताबाद, हिन्दुस्तान संवाद। जिले में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ था। फसलें बर्बाद हुई थी तो गांवों में पानी घुस गया था। कई मार्ग पर आवागमन बंद होने के साथ सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसी में नियामताबाद विकासखंड के कम्हरिया गांव का मुख्य संपर्क मार्ग भी बाढ़ की चपेट में आकर पूरी तरह से खराब हो चुका है। कम्हरिया रेगुलेटर ड्रेन के पास सड़क होने के कारण पानी के बहाव में पूरी तरह बिखर गई है। ग्रामीणों को आने जाने में दिक्कत हो रही है लेकिन जिम्मेदार मौन हैं। शिकायत के बाद भी इसकी मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है।

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ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नियामताबाद ब्लॉक अंतर्गत यह पिच मार्ग नेशनल हाईवे-19 को ब्लॉक के दूरस्थ गांवों से जोड़ता है। इस मार्ग से रोहणा, नरैना, घूरो, नियामताबाद, पीडीडीयू नगर, कठौरी, देवई समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग नियमित रूप से आवागमन करते। अब इस सड़क के टूट जाने से न केवल वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ की समस्या इस क्षेत्र में हर साल सामने आती है, लेकिन इस बार की बाढ़ ने सड़क को इस हद तक नुकसान पहुंचाया है कि वह पूरी तरह से बह चुकी है। इसके कारण छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। यही नहीं, छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले मार्ग के बंद हो जाने से महिलाओं और श्रद्धालुओं की चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की गंभीर स्थिति की सूचना कई बार जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए वैकल्पिक मार्ग या अस्थायी पुल की व्यवस्था करे, जिससे जनजीवन सामान्य हो सके। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरी पर निर्भर श्रमिकों और पूजा-पाठ के लिए निकलने वाली महिलाओं के लिए यह मार्ग अत्यंत आवश्यक है। चेताया कि यदि शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया गया, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। खेतों में भरा है पानी, गांव में संक्रमण का खतरा नियामताबाद। विकासखंड के कम्हरिया गांव में हाल ही में आई बाढ़ के बाद जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है। गांव के आसपास और खेतों में भरा पानी अब तक नहीं निकला है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। जगह-जगह गंदा पानी जमा होने के कारण डेंगू, मलेरिया, त्वचा रोग व पेट संबंधी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। दूसरी ओर, खेतों में पानी भरे होने से किसान धान की फसलों की कटाई और मड़ाई नहीं कर पा रहे हैं। धान की फसल खराब हो चुकी है और अगली फसल की तैयारी भी प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वही पशुपालकों को पशुओं के चारा का भी संकट गहराता जा रहा है।