आरपीएफ ने सात बाल बंधुआ मजदूरों को कराया मुक्त

आरपीएफ ने सात बाल बंधुआ मजदूरों को कराया मुक्त

संक्षेप:

Chandauli News - बिहार-झारखंड से राजस्थान और गुजरात मजदूरी कराने ले जा रहे थे दो आरोपी बिहार-झारखंड से राजस्थान और गुजरात मजदूरी कराने ले जा रहे थे दो आरोपी बिहार-झारख

Nov 07, 2025 12:15 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चंदौली
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पीडीडीयू नगर, संवाददाता। पीडीडीयू जंक्शन पर गुरुवार को आरपीएफ ने बचपन बचाओ आंदोलन और चाइल्ड लाइन टीम के सहयोग से कई ट्रेनों से सात बाल बंधुआ मजदूरों को बरामद किया। उन्हें गुजरात और राजस्थान भेजने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद मजदूर बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं। उनके परिजनों को सूचना देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता, चाइल्ड हेल्प डेस्क एवं सीआईबी टीम के साथ वह चेकिंग कर रहे थे। पीडीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर गांधीधाम एक्सप्रेस के जनरल कोच में चार बच्चे डरे-सहमे दिखे।

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पूछताछ में पता चला कि वह कटिहार (बिहार) के रहने वाले हैं। मनिहारी गांव (कटिहारी) गांव निवासी शिवम कुमार चौधरी उनसे बाल मजदूरी कराने उन्हें गुजरात ले जा रहा था। प्लेटफार्म नंबर पर सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान तीन बाल मजदूर पकड़े गए। चतरा (झारखंड) में बैनखौरी गांव निवासी श्यामलाल भुईयां उन्हें मजदूरी के लिए राजस्थान ले जा रहा था। परिजनों को सूचना देने के बाद बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया। टीम में आरपीएफ उपनिरीक्षक अश्विनी कुमार, शरतचन्द्र सिंह यादव, आरक्षी बृजेश सिंह, पवनेश कुमार सिंह, अशोक यादव, सीआईबी के सहायक उप निरीक्षक सतीश सिंह, सुभेष राय, चाइल्ड हेल्प डेस्क के राधेश्याम शामिल रहे।