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पुलवामा में शहीद अवधेश के घर पहुंचीं प्रियंका, पत्नी से मिलते ही नम हुईं आंखें

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार की शाम बहादुरपुर गांव में शहीद अवधेश कुमार यादव के घर पहुंची। शहीद की पत्नी से बातचीत करते समय प्रियंका की आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने अपना और निजी सचिव का मोबाइल नंबर देते हुए हमेशा साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। वह बीस मिनट तक शहीद के घर रहीं अौर सभी परिजनों से बातचीत की। 

पूर्वांचल के दौरे पर निकली प्रियंका गांधी वाराणसी में कार्यकर्ता सम्मेलन पूरा कर शहीद के घर के लिए रवाना हुईं। शाम 4.50 पर उनका काफिला पड़ाव चौराहे पर पहुंचा तो पहले से मौजूद कांग्रेसियों व ग्रामीणों का गाड़ी के अंदर से ही हाथ हिलाकर अभिवादन किया। बिना रुके उनका काफिला सीधे बहादुरपुर गांव में शहीद अवधेश कुमार यादव के घर पहुंचा।

शहीद के घर में दाखिल होने के बाद प्रियंका ने सबसे पहले शहीद के पिता हरकेश यादव और छोटे भाई बृजेश यादव से मुलाकात की। इसके बाद घर के अंदर शहीद की मां मालती यादव व पत्नी शिल्पी यादव से मिलीं। उन्होंने शिल्पी यादव से कुछ बात की। शहीद की मां मालती देवी के आंसू पोंछे। बातचीत करने के दौरान ही प्रियंका की आंखें भी नम हो गईं। 

उन्होंने कहा कि मात्र 19 साल की उम्र में मेरे पिता भी शहीद हो गए थे। आपके दर्द को बखूबी समझ सकती हूं। उन्होंने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के तत्काल बाद ही यहां आने की इच्छा थी लेकिन लेकिन मैं नहीं चाहती कि मेरे आने को राजनीति से जोड़ा जाए। उन्होंने शहीद के परिजनों को खुद का और अपने सेक्रेटरी का मोबाइल नंबर दिया। साथ ही हमेशा साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। प्रियंका ने शहीद की मां मालती देवी के हाथों पानी पिया अौर उनके आग्रह पर काजू की बर्फी का टुकड़ा भी खाया। 

शहीद के पिता ने सौंपा पत्रक
शहीद के पिता हरकेश यादव ने प्रियंका गांधी को पत्रक सौंपा। उन्होंने शहीद के छोटे भाई बृजेश यादव को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि बहू के छोटे बेटे दोनों के लिए नौकरी की मांग की थी। लेकिन अब तक शहीद के छोटे भाई को नौकरी नहीं मिल सकी। प्रियंका गांधी ने पत्रक लेते हुए पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया।

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  • Web Title:Priyanka reached Shahid Awdesh house in Pulwama