DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बच्चे में सुधार मां ही कर सकती हैं: हनुमान दास

दुनिया में बच्चे को सुधारने  का काम सिर्फ मां कर सकती है। हालांकि ज्यादा लाड प्यार से बच्चें बिगड़ भी जाते है। मां न रहे तो बच्चे का पालन पोषण करने में पिता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उक्त बाते खरौझा ग्रामसभा के हिनौती मौजा स्थित हनुमान मंदिर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा की दूसरी निशा सोमवार को वृंदावन से पधारे कथा वाचक हनुमान दास ने कही।

कथावाचक ने कहा कि मां गंगा इस धरती पर बह रहीं हैं। यह पूर्वजों की तपस्या का फल है। यदि मुक्ति पाना है, तो संतो की सेवा करने के साथ ही सतसंग करें। मनुष्य अगर माता-पिता के प्रति, राष्ट्र के प्रति सब कुछ किया। और भगवान का भजन नहीं किया। तो उसका जीवन बेकार है। भोजन करना है तो सबको कराओ। भजन करना हो तो खुद करो। कहा कि जीवन में जब संत मिलते है तो सुख ही सुख होता है। अगर बिछुडते है, तो दु:ख ही दु:ख होता है। इस दुनिया में सभी प्राणियों का कल्याण भगवान की भक्ति करने से होती है। भगवान को भय से नहीं बल्कि भाव से मानना चाहिए। इस दौरान आनंद सागर सिंह, विद्या सागर सिंह, श्याम शरण वैद्य, भंटू चौबे, श्याम बिहारी पांडेय, साधु पांडेय, कार्तिकेय पांडेय, त्रिवेणी दुबे, डॉ. गीता शुक्ला, पूनम सिंह, बेचना देवी, रिमझिम, ब्यूटी कुमारी आदि उपस्थित रहीं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Mother can improve child Hanuman Das