काव्य गोष्ठी में कवियों ने सरकार पर कसा तंज
Chandauli News - चकिया, हिन्दुस्तान संवाद। नगर स्थित आदित्य पुस्तकालय में रविवार मासिक काव्य गोष्ठी में रामस्वरूप

चकिया, हिन्दुस्तान संवाद। नगर स्थित आदित्य पुस्तकालय में रविवार मासिक काव्य गोष्ठी में रामस्वरूप लाल मंगल स्मृति समारोह का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ कवि अमरनाथ पाल ने वाणी वंदना से किया।कवि अलियार प्रधान ने देश के करनवा झूललै फांसी पर झुलनवा सुनाकर देश के लिए शहीद हुए आजादी के परवानों की याद दिलाए। कवि राजेश विश्वकर्मा राजू ने बलिदान से मिलल केतना शीश कटौलैं, रण में केतना झूललै फांसी सुनाया।कवि मंगला चौहान ने मंगल जी का गीत सुना करके सबको भाव विभोर कर दिया। सुरेश सिंह ने छोटी छोटी मड़ई साकर खोरी ,बर पीपर के छांव में ,आपन भारत बसेला भैया माटी वाले गांव में सुनाकर भारत की मिट्टी का गर्व कराया।
कवि संतोष कुमार यादव ने सुनला हथेली बयान मोर बाबूजी हाथी डूबल हथेलीयै में सुन कर चुनावी व्यंग्य कसा।सानिया मंसूर ने मंगल मुंशी जी की आखिरी रचना सीमा पर डोलिया उतार जा कहरवा आंशु धार लेवेदा, नयन भर निहार लेवेदा सुनाया । कवि रामजनम भारती ने ये हमारा हृदय लुट चुका है श्याम तेरी छटा माधुरी पर सुना कर श्री कृष्ण के सुंदरता का सुंदर चित्रण किया। इसके अलावा वरिष्ठ रचनाकार रंग बहादुर सिंह रंग ने रामस्वरूप मंगल जी के स्मृतियों को ताजा कर उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।चंद्रप्रभा साहित्यिक संस्था के तरफ से सुरेश सिंह गायघाट, अमरनाथ पाल और अलियार प्रधान को रामस्वरूप लाल मंगल स्मृति संगीत समारोह में सम्मान से सम्मानित किया गया। इस दौरान अध्यक्ष बेचई सिंह मालिक, प्रदीप पाठक एडवोकेट शिवदास अनपढ़, रामअवतार कवल हरिवंश सिंह बवाल, बिजेंदर विश्वकर्मा, राजेश बेनजीर मनोज द्विवेदी,आदित्य पुस्तकालय के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल, ज्योति द्विवेदी,जगजीवन आदि मौजूद रहे।
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