DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

धान की बाली आने तक खेत में रखे नमी

धान की अधिक पैदावार के लिए किसान सितंबर माह तक बाली फूटने तथा फूल निकलने के समय पर्याप्त नमी खेत में बनाए रखें। इसके लिए आवश्यकतानुसार सिंचाई भी करते रहें। फसल को बीमारियों से बचाने के लिए नीम के तेल का प्रयोग करें। उक्त बातें पोटेंट बायो रिसर्च इलाहाबाद के कृषि विशेषज्ञ आदित्य सिंह ने बुधवार को विकास खंड के चन्दरखा गांव में भारतीय विकास समिति उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित कृषि गोष्ठी के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि सितंबर माह में अगर किसान पर्याप्त ध्यान फसलों की ओर देंगे तो अच्छी उपज मिल सकती है। कहा कि धान की संकर प्रजाति में गंधी कीट के नियंत्रण के लिए इंडोसल्फान या मोनोक्रोटोफास का छिड़काव करना चाहिए। इस माह में सब्जियों की खेती पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। टमाटर विशेष कर संकर प्रजातियां व फूलगोभी के बीज की बुआई नर्सरी में ही करना चाहिए। वहीं पत्ता गोभी की रोपाई सितंबर महीने के अंतिम सप्ताह में की जा सकती है। अगैती फसल की बुआई 15 सितंबर से प्रारंभ कर देनी चाहिए। वर्षा समाप्त होते ही धनियां की बुआई शुरू की जा सकती है। वहीं आलू की अच्छी किस्मों की बुआई 25 सितंबर से प्रारंभ की जा सकती है। इस मौके पर दलसिंगार, सागर, कपिलदेव, रामअवतार, पन्नालाल, सुजीत कुमार, अजीत कुमार, अतुल यादव आदि मौजूद रहे।  

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Moisture kept in the field until paddy bali arrives