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24 नवंबर, 2020|6:54|IST

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आतंकवाद के खिलाफ आंदोलन है मोहर्रम

आतंकवाद के खिलाफ आंदोलन है मोहर्रम

इमाम हुसैन की शहादत और करबला का संदेश सिर्फ धार्मिक प्रतीक ही नहीं है। सभी युवाओं को आतंक से लड़ने के लिए प्रेरित करता है, जो इमाम हुसैन और उनकी कुर्बानी पर अपना सिर झुकाते और आंसू बहाते हैं। उक्त बातें आजाखाना-ए-रजा में चल रही पांचवी मजलिस में मौलाना ताबिश चंदौलवी ने कही। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का सिर काटने वाला जुल्मी बादशाह यज़ीद पहला आतंकवादी था। यज़ीद अपनी इंसानियत विरोधी विचारधारा इमाम हुसैन पर थोपना चाहता था। लेकिन इमाम हुसैन ने उसकी बातों पर अमल करने से इंकार कर दिया। करबला का संदेश हर मुस्लिम युवा को ऐसे आंतकियों के खिलाफ उठ खड़े होने के लिए प्रेरित करता है, जो अपनी गंदी विचारधारा के लिए जरिए समाज में नफरत का जहर फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कोरोना महामारी से बचाव के लिए शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए अजादारों ने इमाम हुसैन की याद में नौहा पढ़कर मातम कराया। इसके जरिये इमाम हुसैन के बेटे जनाबे अली अकबर का मसायब बयान किया गया। अली अकबर इमाम हुसैन के बेटे थे। उन्हें अठारह साल की उम्र में करबला के मैदान में हजारों की तादाद में यजीद की फौजों ने शहीद कर दिया था। मुहर्रम के मौके पर अज़ादार जनाबे अली अकबर का ताबूत उठाकर उन्हें खिराजे अकीदत पेश करते हैं। इस मौके पर लोगों में मास्क बांटा गया। साथ ही और कोरोना के खिलाफ़ हर तरह की सतर्कता बरतने का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर मायल चंदौलवी, शहंशाह, आरिफ, दानिश, मोईन रिज्वी आदि मौजूद रहे। मुहर्रम पर जुलूस व ताजिया पर रहेगी रोक फोटो नंबर 14 : सकलडीहा कोतवाली में ताजियादारों के साथ बैठक करती कोतवाल वंदना सिंह।सकलडीहा/कमालपुर। हिटीकोरोना महामारी व सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मोहर्रम पर ताजिया व जुलूस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके तहत थानों में धर्मगुरुओं व करबला के सदस्यों के साथ शांति समिति की बैठक की जा रही है। सकलडीहा कोतवाली में मंगलवार को कस्बा समेत नईबाजार, बथावर, खडे़हरा, चतुर्भुजपुर, तुलसी आश्रम, नोनार आदि गांवों के ताजियादारों के साथ बैठक हुई। कोतवाल वंदना सिंह ने मोहर्रम पर ताजिया का चौक पर स्थापित नहीं करने का निर्देश दिया। कहा कि कोरोना महामारी की वजह से जुलूस पर भी पाबंदी रहेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में एसआई भवेशचंद्र कुशवाहा, मकसुदन राय, अखंड सिंह समेत राजेश सिंह, रामनयन यादव, अच्छेलाल यादव, अनुराग गुप्ता, शमशेर अली, मुर्तुजा, निजामुद्दीन, मुन्ना अंसारी, इम्तियाज आदि मौजूद रहे। उधर, कमालपुर पुलिस चौकी पर प्रभारी कपिलदेव यादव ने शांति समिति की बैठक की। उन्होंने मोहर्रम में शांति व आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। धीना थाना एसआई दुर्गादत्त यादव ने कहा कि कहा की इस बार मोहर्रम में ताजिया का निर्माण नहीं होगा। खलल डालने वाले को कत्तई नहीं बख्शा जाएगा। इस मौके पर हरिनाथ यादव, रहमान अली, हफीजुर्रहमान, इजहार अंसारी, नौशाद, आशिक, वकील अहमद, हामिद अली, मौला अली, दिलशाद, तसउर अली, जलील अंसारी, फखरे आलम आदि उपस्थित रहे।जुलजनाह का जुलूस स्थगितदुलहीपुर। मोहर्रम की पांचवीं तारीख को हर साल निकलने वाला जुलजनाह का जुलूस इस बार कोरोना महामारी की वजह से स्थगित कर दिया गया है। यह जानकारी सैयद फजल अब्बास जाफरी ने दी है। उन्होंने बताया कि 1935 से हर साल मोहर्रम की पांचवीं को जुलजनाह का जुलूस निकाला है। परंपरागत रास्तों से होते हुए इमामबाड़ा अली हमीद में जाकर जुलूस समाप्त होती है। इस बार कोरोना महामारी से बचाव व रोकथाम को लेकर शासन-प्रशासन की गाइड लाइन का पालन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों को कोरोना महामारी से बचाव के प्रति सतर्क व जागरूक रहने की भी अपील की।

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  • Web Title:Moharram is a movement against terrorism