शिकायत पर गड़ई नदी पाटे जाने की जांच शुरू
Chandauli News - नियामताबाद में जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच टीम ने पांडेयपुर में चकिया रोड चौड़ीकरण के दौरान ओल्ड गड़ई नदी के करीब डेढ़ किलोमीटर तक पाटने के मामले की जांच की। इस कार्य के कारण क्षेत्र में बाढ़ आई और किसानों की फसलें बर्बाद हुईं। टीम अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी।

नियामताबाद, हिन्दुस्तान संवाद। जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच टीम अपर जिलाधिकारी न्यायिक रतन वर्मा के नेतृत्व में शुक्रवार को पांडेयपुर पहुंची। जहां टीम ने चकिया रोड के चौड़ीकरण में ओल्ड गड़ई नदी को करीब डेढ़ किलोमीटर तक पाटे जान के मामले की जांच की। जांच के बाद टीम जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। गोधना हाईवे चौराहा से लेवा तक पीडीडीयू नगर चकिया मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार बगैर सिंचाई विभाग की अनुमति के लोक निर्माण विभाग ने गड़ई नदी को करीब डेढ़ किलोमीटर तक पाट दिया। इसके चलते बीते दिनों जल निकासी न होने के कारण क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी।
जिसमें हजारों किसानों की फसल बर्बाद हुई थी। क्षेत्रीय किसानों ने लोक निर्माण विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया था। वहीं गड़ई नदी की खुदाई के लिए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह के नेतृत्व में क्षेत्रीय किसानों का प्रतिनिधिमंडल कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भी मिला था। जिस पर उन्होंने जल्द ही नदी के खुदाई का कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था। बीते सप्ताह किसानों और संबंधित अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी ने बैठक की थी। जिसमें पीडब्ल्यूडी की ओर से गड़ई नदी पाटे जाने का मामला सामने आया था। इस पर जिलाधिकारी ने एडीएम के नेतृत्व में टीम का गठन किया था। जो जांच के लिए पहुंची थी। इस बाबत एडीएम न्यायिक रतन वर्मा ने बताया कि जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। जो भूमि है वह सरकारी है। जांच रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। जांच टीम में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार आदि शामिल रहे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



