
नीलगाय के आतंक से किसानों की परेशानी बढ़ी
Chandauli News - चकिया, हिन्दुस्तान संवाद। जिले के पहाड़ी क्षेत्रों से सटे गांव में शीतकाल के आरंभ
चकिया, हिन्दुस्तान संवाद। जिले के पहाड़ी क्षेत्रों से सटे गांव में शीतकाल के आरंभ होने के साथ ही नील गायों का खतरा भी बढ़ गया है। दलहनी फसलों के लिए आतंक का पर्याय बनी नील गायों से किसान सशंकित हैं, उन्हें डर है कि कहीं उनकी साल भर की कमाई चौपट न हो जाए। किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों से नील गायों की समस्या का निस्तारण कराने की गुहार लगाई है। जनपद के दक्षिणांचल में चकिया और नौगढ़ तहसील के पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों द्वारा व्यापक स्तर पर दलहनी फसलों की खेती की गई है। वर्तमान में अरहर की फसल अपने उफान पर हैं, वही अरहर के हरे पत्ते नील गायों को अपनी ओर आकर्षित भी कर रहे हैं।
परिणाम स्वरूप रात्रि के समय पहाड़ी से उतर कर नील गायों का झुंड अरहर के खेत में पहुंचकर खड़ी फसल को देखते ही देखते चट कर जा रहे हैं। किसानों द्वारा फसलों को बचाने के लिए लाख प्रयास किए गए लेकिन नतीजा सिफर रहा। किसान रघुनाथपुर गांव निवासी मदन पांडेय, मुजफ्फरपुर गांव निवासी चंदन गुप्ता, रामपुर गांव निवासी सोमारू सिंह, पीतपुर गांव निवासी झामा बनवासी, नेवाजगंज गांव निवासी रामकेश, डोड़ापुर गांव निवासी शेषनाथ पांडेय, हिनौत घाट निवासी रिपुवन ने बताया कि दलहनी फसलों को नील गायों से बचाने के लिए कई बार वन विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत कर गुहार लगाई गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इस संबंध में पूछे जाने पर चंद्रप्रभा रेंजर अखिलेश दूबे ने बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय को नीलगायों से संबंधित समस्या को पत्राचार के माध्यम से अवगत करा दिया गया है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




