मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच कराकर किसान करें खेती
Chandauli News - चंदौली में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा पांच दिवसीय फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रशिक्षण एवं विश्व मृदा दिवस समारोह आयोजित किया गया। इसमें किसानों को मिट्टी की जांच, समसामयिक खेती, प्राकृतिक खेती, और कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि ने किसानों को मृदा की जांच कराने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
चंदौली। संवाददाता कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से पांच दिवसीय फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रशिक्षण एवं विश्व मृदा दिवस समारोह का आयोजन शुक्रवार को केवीके सभागार में किया गया। इसमें किसानों को मिट्टी की जांच, समसामयिक खेती, फल-फूल एवं सब्जी की खेती, प्राकृतिक खेती एवं तकनीकी खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सरकार की ओर से संचालित कृषि संबंधित योजनाओं के बारे में चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा नेता आरपी पांडेय ने कहा कि किसान मृदा दिवस पर संकल्प लें कि वह अपनी मृदा की जांच स्वयं कराएं। उसी के आधार पर खेती करें l केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने कहा कि किसान जिस तरह अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं।

अपने स्वास्थ्य का चेकअप कराते हैं। उसी तरह अपनी मिट्टी के स्वास्थ्य की भी जांच कराएं। मृदा में किस तत्व की अधिकता है। किस तत्व की कमी है। उसी आधार पर उसमें खाद का प्रयोग करें l वैज्ञानिक डा. अभयदीप गौतम ने समसामयिक खेती के बारे में जानकारी दी। मृदा वैज्ञानिक डा. चंदन ने मिट्टी की जांच कराने के बारे में विस्तार से बताया। वहीं डा. अमित सिंह ने प्राकृतिक खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया। उद्यान वैज्ञानिक मनीष सिंह ने फल-फूल, सब्जी एवं पौधे के बारे में विस्तृत चर्चा किया। जबकि उप कृषि निदेशक भीमसेन, जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र दुबे, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने विभागीय योजनाओं के बारे में किसानों को जानकारी दी। इस मौके पर काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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