प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी का आवास जर्जर
Chandauli News - शहाबगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सरकारी आवास जर्जर स्थिति में है। छतें और दीवारें क्षतिग्रस्त हैं, जिससे चिकित्सकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। कई बार चिकित्सकों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। विकास खण्ड परिसर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारी चिकित्साधिकारी का सरकारी आवास इन दिनों बदहाल है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह आवास अब पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। जिससे यहां रहने वाले चिकित्सकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। आवास की छतें काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कई स्थानों पर छत से प्लास्टर झड़ रहा है। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। जब छत से पानी टपकने लगता है और कमरों में नमी भर जाती है। दीवारों की हालत भी किसी से छिपी नहीं है, जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ चुका है और ईंटें तक दिखाई देने लगी हैं।
खिड़कियों की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। अधिकांश खिड़कियां टूट-फूट चुकी हैं। कई के शीशे गायब हैं तो कई के चौखट खराब हो चुके हैं। इससे न केवल सुरक्षा की समस्या उत्पन्न हो रही है। बल्कि सर्दी और बरसात के मौसम में चिकित्सकों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में आवास उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। ताकि वे आपात स्थिति में तत्काल मरीजों को सेवाएं दे सकें। लेकिन आवास की इस बदहाल स्थिति के कारण चिकित्सकों का रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। कई बार चिकित्सकों को मजबूरी में वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। रतीश कुमार, विनोद सिंह का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर दिखता है।

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