पुलिया की रेलिंग क्षतिग्रस्त होने से हादसे का भय

Feb 16, 2026 06:56 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चंदौली
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Chandauli News - भगड़ा ग्राम पंचायत के भोकाकट नाले पर बनी पुलिया की रेलिंग क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। बरसात के दौरान यह टूट गई थी, लेकिन कई महीनों बाद भी मरम्मत नहीं हुई है। इससे बच्चों और यात्रियों को खतरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र मरम्मत की मांग की है।

पुलिया की रेलिंग क्षतिग्रस्त होने से हादसे का भय

शिकारगंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के भगड़ा ग्राम पंचायत में भोकाकट नाले पर बनी पुलिया की रेलिंग क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता व्याप्त है। बरसात के दिनों में तेज जलप्रवाह और पानी के दबाव के कारण पुलिया की रेलिंग टूट-फूट गई थी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भोकाकट नाले पर स्थित यह पुलिया चकिया को जोड़ने वाला नजदीकी मुख्य मार्ग है। इस रास्ते से प्रतिदिन भगड़ा, पिपरखड़िया, गनेशपुर, मजगावा, गायघाट, सुरथापुर सहित आसपास के कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं।

ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों, व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिया की रेलिंग टूट जाने से खासकर रात के समय में हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान जब नाले में पानी का स्तर बढ़ा तो तेज बहाव के कारण पुलिया की रेलिंग का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। पानी उतरने के बाद भी टूटी रेलिंग को ठीक नहीं कराया गया। वर्तमान में पुलिया के किनारे सुरक्षा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। ऐसे में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों के लिए भी खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी राजनाथ मौर्या, शांताराम यादव, आदित्य प्रसाद मौर्या और अशोक मौर्य ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग और उच्चाधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुलिया के किनारे रेलिंग न होने से वाहन चालक जरा सी चूक पर नाले में गिर सकते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यह मार्ग क्षेत्र के लिए जीवनरेखा की तरह है। बाजार, अस्पताल, स्कूल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए अधिकतर लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। वैकल्पिक मार्ग काफी लंबा और असुविधाजनक है। जिससे लोगों को अतिरिक्त समय और खर्च वहन करना पड़ता है। ऐसे में क्षतिग्रस्त रेलिंग की अनदेखी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भोकाकट नाले पर बनी पुलिया की टूटी रेलिंग की शीघ्र मरम्मत कराई जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए मजबूत और टिकाऊ निर्माण कराया जाए। साथ ही बरसात से पहले पुलिया और नालों की नियमित जांच की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग और प्रशासन ग्रामीणों की इस जायज मांग पर कब तक संज्ञान लेते हैं। फिलहाल पुलिया की टूटी रेलिंग क्षेत्रवासियों के लिए चिंता और भय का कारण बनी हुई है। लोगों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

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