किसानों पर फसल बीमा के प्रीमियम का अधिक न पड़े भार

Jan 23, 2026 07:20 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, चंदौली
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Chandauli News - चंदौली, संवाददाता। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में

किसानों पर फसल बीमा के प्रीमियम का अधिक न पड़े भार

चंदौली, संवाददाता। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक हुई। इसमें विभिन्न फसलों, मत्स्य पालन, पशुपालन, रेशम कीट पालन एवं मधुमक्खी पालन कार्यक्रमों के सुचारू रूप से संचालन के लिए उसकी लागत के अनुसार संस्थागत वित्त की व्यवस्था के लिए अनुमोदन किया गया। डीएम ने कहा कि लागत के अनुसार किसानों को केसीसी ऋण मुहैया कराया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी कहा कि वित्तमान के निर्धारण से एक ओर जहां कृषकों की उत्पादन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त वित्तीय व्यवस्था अपेक्षित होती है।

वहीं फसल बीमा के प्रीमियम का भार अधिक न पड़े एवं कृषक, ऋणजाल में न फसें। इसका भी ध्यान देना आवश्यक होता है। जबकि कृषकों से अपेक्षा किया कि जिन कृषकों की ओर से फसल का बीमा कराया गया है वह ओलावृष्टि, अतिवर्षा एवं कटाई के बाद 14 दिनों के अंदर फसल में क्षति होने की स्थिति में निर्धारित समयावधि में फसल बीमा कम्पनी के हेल्प लाइन नंबर-14447 एवं उप कृषि निदेशक को सूचित करें ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि कतिपय निवेशों के मूल्य में सीमान्त वृद्धि के दृष्टिगत गत वर्ष की अपेक्षा वर्तमान वित्तमान में 1.1 प्रतिशत (सनई एवं दैचा) से लेकर 4.5 प्रतिशत (धान) तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र दुबे ने औद्यानिक फसलो के वित्तमान में 3.0 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की। मधुमक्खी पालन को 50 मौन गृहों के लिए वित्तमान को वर्ष 2026-27 की दर 265225 रुपये पर 3.0 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। सहायक निदेशक मत्स्य ने पिछले वर्ष के वित्तमान चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष इस वर्ष के लिए भी चार लाख रुपये का वित्तमान स्थिर रखने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। रेशम विभाग की ओर से शहतूत सिल्क पालन के लिए वित्तमान की दर वर्ष 2026-27 में भी प्रति एकड़ 3 लाख रुपये पर स्थिर रखने का सुझाव दिया गया। पशुपालन विभाग से गाय पालन में 4.4 प्रतिशत, भैंस पालन में 0.9 प्रतिशत, भेड़ एवं बकरी पालन में वर्ष 2025-26 में 7920 के सापेक्ष वर्ष 2026-27 में 6930 जो 12.5 प्रतिशत की कमी, सुकर पालन में बीते वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष 8280 जो कि 17.1 प्रतिशत कम करने का प्रस्ताव है। मुर्गी पालन को वर्ष 2025-26 के वित्तमान 760.5 रुपये पर स्थिर रखने का प्रस्ताव दिया गया है। उप कृषि निदेशक भीमसेन, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र दुबे, डीडीएम नाबार्ड, सहायक निदेशक मत्स्य, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं प्रगशील किसान वीरेन्द्र सिंह, रमेश सिंह, अजय सिंह एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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