चंपत राय के साथ छल किया गया, महंत कमलनयन दास का दावा; राम मंदिर दान चोरी में दी क्लीन चिट
Ram Mandir Controversy : राम मंदिर दान चोरी की जांच जोरशोर से जारी है। ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद भी चंपत राय चौतरफा आरोपों से घिरे हैं। ऐसे में उनके बचाव में महंत कमलनयन दास आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में चंपत राय पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके साथ विश्वासघात किया गया।
Ram Mandir Controversy : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोलाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को पूरी तरह निर्दोष बताया है। उन्होंने दावा किया कि चंपत राय के साथ छल किया गया। उन्हें विश्वास में लेकर विश्वासघात किया गया। महंत कमलनयन दास ने कहा कि चंपत राय ने राष्ट्र, समाज और राम जन्मभूमि के लिए अपने सारे जीवन का बलिदान किया है। उनमें आज तक कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि इतना जरूर है कि वह विश्वास में पड़ गए। लोगों ने यह नहीं सोचा कि इसका परिणाम क्या होगा?
एएनआई को दिए एक बयान में महंत कमलनयन दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ सब प्रकार से ईमानदार हैं। उन पर हमें पूरा विश्वास है, भरोसा है। इस मामले मे निष्पक्ष निर्णय होगा। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की इस बात कि यह घटना कलंक है और इसकी पुनरावृति नहीं होनी चाहिए, का समर्थन करते हुए कमलनयन दास ने कहा कि यह बिल्कुल सही बात है। दोबारा ऐसी घटना कतई नहीं होगी। चंपत राय जी का इसमें कोई दोष नहीं है। उन पर कोई आरोप नहीं है। वह बस विश्वास में पड़ गए। उनके साथ छल किया गया।
आरोपियों को बड़ी कार्रवाई, बहिष्कार का डर
उधर, राम मंदिर दान चोरी के चार आरोपियों की कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद चढ़ावा चोरी में बंद आठों आरोपियों की दिनचर्या और बर्ताव दोनों ही बदल गए हैं। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने मौन धारण कर लिया है तो सुभाष सुबह चार बजे उठकर पूजा करने लगता है। सभी अब अपने कृत्य पर पछतावा जता रहे हैं। उन्हें सख्त कार्रवाई के अलावा सामाजिक बहिष्कार का डर सता रहा है। मामले में अब तक जिन दो आरोपियों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका प्रमुख मानी जा रही है, वे भी अपने-अपने क्षेत्र में प्रभावशाली माने जाते थे। टिन्नू का मंदिर की व्यवस्थाओं पर अच्छा प्रभाव था, जबकि बैंक से सेवानिवृत्ति के बाद सुभाष श्रीवास्तव संघ से जुड़े और बाद में राममंदिर में गणना प्रभारी के रूप में काम करने लगे थे।
धार्मिक गतिविधियों में समय बिता रहा सुभाष, चार बजे उठकर पूजा-पाठ
शुरुआती दिनों में आरोपियों को भरोसा था कि वे जांच से बच निकलेंगे। मगर जैसे-जैसे पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और एक के बाद एक पूछताछ का दायरा बढ़ा, उनकी चिंता बढ़ती गई। कस्टडी रिमांड में पहले अविनाश से पूछताछ फिर अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पाण्डेय से मिले इनपुट, डिजिटल साक्ष्य प बरामदगियों ने जांच को मजबूत आधार दिया। ऐसे में अब आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। हाल में तीनों आरोपियों के पुलिस कस्टडी से वापस जेल लौटने के बाद आठों की बेचैनी बढ़ गई है। सुभाष श्रीवास्तव धार्मिक गतिविधियों में अधिक समय बिता रहा है। बताया जाता है कि वह सुबह जल्दी उठकर पूजा-पाठ में समय दे रहा है।


