यूपी एसआईआर के लिए केंद्र सरकार ने 4 आईएएस अधिकारी किए तैनात, करेंगे निगरानी
यूपी एसआईआर के लिए केंद्र सरकार ने 4 आईएएस अधिकारी तैनात किए।कार्यों की निगरानी के लिए केंद्र सरकार की ओर से चार आईएएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। यह अपने-अपने मंडलों के जिलों में विशेष रोल पर्यवेक्षक के रूप में कार्यों की निगरानी करेंगे।

यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यों की निगरानी के लिए केंद्र सरकार की ओर से चार आईएएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। यह अपने-अपने मंडलों के जिलों में विशेष रोल पर्यवेक्षक के रूप में कार्यों की निगरानी करेंगे। वहीं दूसरी ओर 17.7 प्रतिशत गणना प्रपत्र अभी तक मतदाताओं से संग्रह नहीं हो सकेंगे और 30 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है। ऐसे में अब राजनीतिक दलों के बीएलए से इस कार्य में मदद मांगी गई है।
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया कि चुनाव आयोग ने निखिल गजराज को सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद व अलीगढ़ मंडल, जावड़ी वी नागा सुब्रमण्यम को लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली, झांसी, चित्रकूट धाम व प्रयागराज मंडल, कुणाल कुमार को देवीपाटन, बस्ती, अयोध्या व वाराणसी मंडल और सिद्धार्थ जैन को आजमगढ़, गोरखपुर व मिर्जापुर मंडल का विशेष रोल पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। यह सभी अपने-अपने मंडलों के जिलों में एसआईआर के कार्यों की निगरानी करेंगे। वहीं दूसरी ओर सीईओ ने फिर राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। उन्होंने 17.7 प्रतिशत गणना प्रपत्र जिन्हें अभी तक मतदाताओं की ओर से जमा नहीं किया गया है उनके संग्रह के लिए बीएलए से मदद मांगी। वहीं 30 प्रतिशत ऐसे मतदाता जिनकी मैपिंग नहीं हुई है उस कार्य में भी सीईओ ने राजनीतिक दलों के बीएलए से सहयोग मांगा।
एसआईआर में अभी 46.99 लाख फॉर्म फीड करना बाकी
यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में अभी 46.99 लाख गणना प्रपत्रों को फीड किया जाना बाकी है। कुल 15.44 करोड़ मतदाता हैं और इसमें से 15.43 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। वहीं इसमें से 14.96 करोड़ के गणना प्रपत्र को डिजिटाइज्ड कर दिया गया है। अभी तक 96.91 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज्ड हो चुके हैं। गणना प्रपत्र को बांटकर उसे मतदाता से भरवाने का काम 11 दिसंबर तक किया जाना है। अब सिर्फ तीन दिन शेष बचे हैं और अभी 75646 मतदाताओं को गणना प्रपत्र बांटा जाना बाकी है। यूपी फॉर्म को डिजिटाइज्ड करने के मामले में अभी भी सबसे पीछे चल रहा है। लक्षद्वीप में शत प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं। मध्य प्रदेश में 99.97, अंडमान व निकोबार व पुडुचेरी में 99.90, छत्तीसगढ़ व गोवा में 99.89, गुजरात में 99.68, पश्चिम बंगाल में 99.64, राजस्थान में 99.59, तमिलनाडु में 99.27 और केरल में 97.42 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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