शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अतकी जैसी हत्या की धमकी मामले में ऐक्शन में पुलिस, 3 दिन बाद केस दर्ज
वाराणसी में ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को अतीक अहमद जैसी हत्या करने की धमकी के मामले में यूपी पुलिस ऐक्शन में आ गई है। पुलिस ने तीन दिन बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।

Varanasi News: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को अतीक अहमद जैसी हत्या करने की धमकी के मामले में यूपी पुलिस ऐक्शन में आ गई है। पुलिस ने धमकी देने के मामले में तीन दिन बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। शंकराचार्य के प्रतिनिधि परमात्मानंद ब्रह्मचारी ने तहरीर दी है। तहरीर के अनुसार शंकराचार्य देश में गौ रक्षार्थ गौ माता-राष्ट्रामाता अभियान को चला रहे हैं। इस आंदोलन का एक मात्र उद्देश्य भारत से गौ हत्या को बंद कराना है।
इसी क्रम में आगामी 03 मई से उत्तर प्रदेश के हर विधान सभा में उनकी गविष्ठी यात्रा होना निश्चित हुआ है। इस यात्रा के दौरान वह लोगों से गौ रक्षा के लिए अवाज उठाने और हर विधानसभा में रामा गौ धाम के निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे। यही बात सनातन धर्मविरोधियों को ठीक नहीं लग रही है। इसलिए उन्हें अनेकों बार जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है। हाल ही में ज्योतिर्मठ के आधिकारिक नंबर पर एक अप्रैल को लगातार टेक्स्ट मेसेज आया है। इसके बाद इस नम्बर को जब ब्लॉक कर दिया गया तो वॉइस मेल में ऑडियो संदेश 6 अप्रैल को भेज कर धमकी दी गई।
शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष को भी मिली थी उड़ाने की धमकी
इससे पहले श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (मथुरा) के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी को जान से मारने की सनसनीखेज धमकी मिली थी। आशुतोष महाराज का आरोप था कि उन्हें और उनके अधिवक्ता को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पुलिस जांच में वह मोबाइल नंबर पाकिस्तान का पाया गया है, जिससे यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय साजिश और सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर इशारा माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट जाने पर मिली धमकी
पूरा मामला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े एक कानूनी विवाद से शुरू हुआ। आशुतोष ब्रह्मचारी ने उच्च न्यायालय द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दी गई अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। आशुतोष महाराज के अनुसार, जैसे ही उन्होंने 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पैरवी तेज की, उन्हें डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू हो गया था।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


