
चीख पड़ा यात्री-कोई कुछ बताएगा हो क्या रहा? उड़ानें अटकीं; एयरपोर्ट पर भारी परेशानी
फ्लाइट 607 से हैदराबाद जा रहे विमान का एक यात्री झल्लाहट में चीख उठा कि क्या कोई कुछ बताएगा? यदि फ्लाइट नहीं जानी तो यही बता दें। इसी फ्लाइट के एक अन्य यात्री ने कहा कि विमान में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक हैं जिनकी स्थिति इस समय बंधकों जैसी है। फ्लाइट रवाना क्यों नहीं हो रही है?
हवाई यातायात नियंत्रण प्रणाली में तकनीकी खराबी की वजह से शुक्रवार को दिल्ली से लेकर लखनऊ एयरपोर्ट तक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लखनऊ की 40 समेत पूरे देश में 700 से अधिक घरेलू,अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुईं। गुरुवार की शाम से शुरू हुई इस तकनीकी समस्या का असर लखनऊ पर ज्यादा पड़ा। दिल्ली से नजदीक एयरपोर्ट अमृतसर, जयपुर, उदयपुर में भी वही समस्या रही। यहां स्थिति यह हो गई कि फ्लाइटों में यात्रियों की बोर्डिंग हो गई पर जहाज रुके रहे। एक यात्री ने झल्लाहट में यहां तक कहा कि हमें बंधक क्यों बनाया, कुछ बताया क्यों नहीं जा रहा।

फ्लाइट 607 से हैदराबाद जा रहे विमान का एक यात्री झल्लाहट में चीख उठा कि क्या कोई कुछ बताएगा? यदि फ्लाइट नहीं जानी तो यही बता दें। इसी फ्लाइट के अमन तिवारी ने कहा कि विमान में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक हैं जिनकी स्थिति इस समय बंधकों जैसी है। फ्लाइट रवाना क्यों नहीं हो रही है। लोग काफी परेशान रहे।
हजारों यात्री हुए परेशान
इंदिरा गांधी हवाईअड्डा देश का सबसे व्यस्त हवाईअड्डा है, यहां से हर दिन 1500 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं। ऐसे में हजारों यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सभी विमानन कंपनियों की उड़ानें प्रभावित हुईं। तकनीकी खराबी दूर करने के लिए विशेषज्ञों की टीमें जुटीं रहीं। इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट, अकासा एयर ने यात्रियों को सलाह दी कि वे यात्रा की योजना अपडेट जानकारी देखकर बनाएं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने बताया कि ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी आई है, जिससे उड़ान में देरी हो रही है। इससे हवाई यातायात नियंत्रण को डाटा सहयोग मिलता है। यात्री अपर्णा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे दो बजे से विमान में बैठी हैं, तीन घंटे बीत चुके हैं, कॉफी-चाय भी नहीं दी गईं। दिल्ली, लखनऊ के अलावा इंदौर, भोपाल, मुंबई, पटना आदि शहरों के लिए सेवाएं प्रभावित हुईं। यात्री सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं।
मैनुअल संचालन
सूत्रों के अनुसार, तकनीकी समस्या गुरुवार शाम से थी। ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम में खराबी से ऑटो ट्रैक सिस्टम को सूचनाएं नहीं मिल रही थीं। मैनुअल रूप से उड़ान योजनाएं तैयार करनी पड़ीं, जिससे उड़ानों में देरी हुई।
लखनऊ में तीन विमान रन वे पर खड़े रहे
लखनऊ में फ्लाइटों में यात्रियों की बोर्डिंग हो गई पर जहाज एप्रन में रुके रहे। एक यात्री ने कहा कि हमें बंधक क्यों बनाया गया है, कुछ बताया क्यों नहीं जा रहा। लखनऊ में 40 से ज्यादा फ्लाइटें लेट हुईं। शुक्रवार को दिन में 11:15 बजे रनवे पर तीन फ्लाइटें 6ई 6521, 6ई 6737, 6ई 607 एप्रन पर खड़ी थीं लेकिन विमान कब उड़ान भरेगा कुछ पता नहीं था।
ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम में आई थी समस्या
यह समस्या ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम में आई थी। एएमएसएस से फ्लाइट का रूट, मौसम की जानकारी एटीसी की स्क्रीन पर पहुंचती है। इस सिस्टम के ठप हो जाने से फ्लाइट का नम्बर एटीसी की स्क्रीन पर यहां भी नहीं आ रहा था। ऐसे में सभी काम मैनुअल तरीके से किए गए। चार पांच सेकंड का काम 15 से 20 मिनट लेने लगा। लखनऊ एयरपोर्ट पर 40 से ज्यादा फ्लाइटें लेट हुईं। एयरपोर्ट का टर्मिनल-3 डिपार्चर भीतर यात्रियों से खचाखच भर गया।





