महिला आरक्षण में अभी जो भी मिल रहा है, वही ले लो, अच्छा समय आने पर ध्यान रखेंगे: मायावती

sandeep लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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बीएसपी चीफ मायावती ने कहा कि महिला आरक्षण में अभी जो भी मिल रहा है, वही ले लो। अच्छा समय आने पर उनके हितों का उचित ध्यान रखा जाएगा। उन्होने कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी के हितों के लिए कोई भी सियासी दल गंभीर नहीं है।

महिला आरक्षण में अभी जो भी मिल रहा है, वही ले लो, अच्छा समय आने पर ध्यान रखेंगे: मायावती

महिला आरक्षण अधिनियम लागू होने के बाद सियासत तेज हो गई है। इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट लिखकर भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस को “गिरगिट” तक करार देते हुए उस पर दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। मायावती ने कहा कि महिला आरक्षण में अभी जो भी मिल रहा है, वही ले लो। अच्छा समय आने पर उनके हितों का उचित ध्यान रखा जाएगा।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के एससी, एसटी और ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों के मामले में कांग्रेस का रिकॉर्ड भरोसेमंद नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब केंद्र में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, तब इन वर्गों को आरक्षण का पूरा लाभ दिलाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। आज महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस इन वर्गों की बात कर रही है, लेकिन यह उसकी राजनीतिक मजबूरी है।

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सपा सरकार ने पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ नहीं दिया

उन्होंने आगे कहा कि ओबीसी समाज को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण वीपी सिंह की सरकार में लागू हुआ, जो बसपा के प्रयासों का परिणाम था। मायावती ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 1994 में पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट आने के बावजूद सपा सरकार ने पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ देने का निर्णय लागू नहीं किया था। बाद में बसपा सरकार बनने पर इसे लागू किया गया।

सपा पर दोहरी राजनीति का आरोप

समाजवादी पार्टी पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि यह पार्टी सत्ता में रहते हुए अलग और विपक्ष में रहते हुए अलग रवैया अपनाती है। उन्होंने इसे 'दोहरे चरित्र' की राजनीति बताते हुए जनता को ऐसी पार्टियों से सावधान रहने की सलाह दी। महिला आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर मायावती ने कहा कि यदि इसे जल्द लागू करना है तो 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वर्तमान में कांग्रेस सत्ता में होती तो वह भी भारतीय जनता पार्टी की तरह ही निर्णय लेती।

किसी के बहकावे में न आए बहुजन समाज- मायावती

अंत में मायावती ने कहा कि SC, ST, OBC और मुस्लिम समाज के वास्तविक हितों को लेकर कोई भी राजनीतिक दल पूरी तरह गंभीर नहीं रहा है। ऐसे में इन वर्गों को महिला आरक्षण के तहत जो लाभ मिल रहा है, उसे फिलहाल स्वीकार करना चाहिए और किसी के बहकावे में आने से बचना चाहिए। उन्होंने समाज को आत्मनिर्भर और मजबूत बनने की सलाह भी दी।

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