20 हजार की फेक करेंसी के साथ कारोबारी गिरफ्तार; सभंल में ATS ने दबोचा, कई राज्यों में नेटवर्क का शक
एएसपी ने बताया कि आरोपी शराफत हुसैन के पास से कुल 20 हजार रुपये की जाली भारतीय करेंसी बरामद की है। इसमें पांच सौ रुपये के 35 नोट, दो सौ रुपये के छह नोट और सौ रुपये के 13 नोट शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि अन्य राज्यों में भी नेटवर्क हो सकता है।

एटीएस मुरादाबाद और हयातनगर थाना पुलिस की टीम ने 20 हजार रुपये के जाली नोटों के साथ गुरुवार रात संभल के सरायतरीन के हैंडीक्राफ्ट कारोबारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी कारोबारी से पूछताछ की और मुकदमा दर्ज करने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया। एटीएस व पुलिस अब जाली नोटों के कारोबार का नेटवर्क खंगाल रही है। संभल का नाम आतंकी गतिविधियों में आने के बाद अब जाली नोटों की तस्करी में भी जुड़ गया है। मुरादाबाद एटीएस को गुरुवार को सूचना मिली थी कि हयातनगर थाना क्षेत्र में सरायतरीन के कुछ लोग जाली नोटों की तस्करी कर रहे हैं। एटीएस की टीम निरीक्षक ललित मोहन के नेतृत्व में गुरुवार को संभल पहुंची।
हयातनगर थाना पुलिस की मदद से सरायतरीन के मोहल्ला पन्नीग्रान निवासी शराफत हुसैन को कच्चा इलाके से घुंघावली जाने वाले कच्चे रास्ते से गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय बहजोई में एएसपी कुलदीप सिंह ने घटना का खुलासा किया। एएसपी ने बताया कि आरोपी शराफत हुसैन के पास से कुल 20 हजार रुपये की जाली भारतीय करेंसी बरामद की है। इसमें पांच सौ रुपये के 35 नोट, दो सौ रुपये के छह नोट और सौ रुपये के 13 नोट शामिल हैं। इस मामले में हयातनगर थाने में एटीएस मुरादाबाद के निरीक्षक ललित मोहन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
हैंडीक्राफ्ट कारोबारी के पास से 20 हजार रुपये के जाली नोट बरामद होने के बाद एटीएस मुरादाबाद यूनिट व हयातनगर थाने की पुलिस हैंडीक्राफ्ट कारोबारी के नेटवर्क की तलाश कर रही है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपी को जल्द रिमांड पर लेकर इस गिरोह की तलाश करेगी। सूत्रों की मानें तो एटीएस व पुलिस को शक है कि कारोबारी का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक हो सकता है।
जाली नोटों की सप्लाई की सूचना पर एटीएस व हयातनगर थाने की टीम ने सरायतरीन निवासी शराफत हुसैन को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से 20 हजार रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं। मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। रिमांड पर लेकर इस गिरोह के नेटवर्क की तलाश की जाएगी। इस गिरोह का पता लगाने के लिए पुलिस व एटीएस की टीम काम कर रही है।


