
चलते-चलते अचानक आग का गोला बन गई बस, ऊंची-ऊंची लपटों के बीच मची चीख-पुकार
बस में इंजन की ओर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। फिर आग लग गई। सवारियों ने बस से कूदकर जान बचाई। कुछ ही देर में पूरी बस धू धू कर जलने लगी। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन जब तक बस और उसमें रखा यात्रियों का सामान जल चुका था।
Fire in Bus: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नेशनल हाईवे-34 पर चलती बस आग का गोला बन गई। यह देख सवारियों में चीख पुकार मच गई। आनन फानन में सवारियों ने कूदकर जान बचाई। वहीं सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। घटना के दौरान हाईवे पर जाम की स्थिति भी बनी रही। गौतमबुद्धनगर के दादरी से सवरियां लेकर एक प्राइवेट बस हरदोई जनपद जा रही थी। हाईवे 34 पर थाना खुर्जा देहात क्षेत्र में गांव धरपा के निकट बस के इंजन की तरफ धुआं उठने लगा।

यह देखकर ड्राइवर ने बस को सड़क किनारे रोक दिया। इस बीच बस में आग लग गई। सवारियों ने बस से कूदकर जान बचाई। कुछ ही देर में पूरी बस धू धू कर जलने लगी। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन जब तक बस और उसमें रखा यात्रियों का सामान जल चुका था। इस संबंध में सीओ पूर्णिमा सिंह ने बताया कि बस में आग लगी थी, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है। बस में आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली ने किसान और मजदूर को टक्कर मारी, दोनों की मौत
बुलंदशहर के ही गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव ऐचाना के पास काली नदी के पुल पर शनिवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली ने बाइक सवार किसान और मजदूर को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए। वहीं वाहन को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार वीरू(50) पुत्र गंगाशरण निवासी धौलाना करीब 20 साल से गांव ऐचाना में रहकर मजदूरी करता था। वहीं सच्चे(56) पुत्र राजवीर निवासी उस्तरा किसान था। शुक्रवार देर शाम सच्चे और वीरू खेतों पर काम करने के बाद बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। काली नदी के पुल पर गुलावठी की ओर से तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर ट्रॉली ने दोनों की बाइक में टक्कर मार दी।
इसमें वीरू और सच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़कर चालक को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि किसान सच्चे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गया है। हादसे के बाद किसान सच्चे व वीरू के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। समाचार लिखे जाने तक मृतकों के परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई।





