
यूपी में युवक के बैग से मिलीं 500-500 के नोटों की गड्डियां, पैसा इतना कि फटी की फटी रही गईं आंखें
पीडीडीयू जंक्शन पर गुरुवार को आरपीएफ-जीआरपी की चेकिंग में एक युवक को पकड़ा गया। युवक की जब तलाशी ली गई तो उसके बैग से 500-500 के नोटों की गड्डियां निकलीं।
यूपी के चंदौली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पीडीडीयू जंक्शन पर गुरुवार को आरपीएफ-जीआरपी की चेकिंग में एक युवक को पकड़ा गया। युवक की जब तलाशी ली गई तो उसके बैग से 500-500 के नोटों की गड्डियां निकलीं। बैग में पैसा इतना था कि देखकर ही आंखें फटी की फटी रह गईं, हालांकि पुलिस ने युवक से जब पूछताछ की तो पता चला कि बैग में जो रुपया रखा गया वह करीब 60 लाख रुपये है। युवक रुपये लेकर वाराणसी से रुपये लेकर सासाराम (बिहार) जा रहा था। युवक से जब नगदी से संबंधित कागजात मांगे गए तो वह नहीं दिखा सका। इसके बाद युवक और पैसे से भरा बैग आयकर विभाग को सौंप दिया गया। अधिकारी उसे लेकर वाराणसी चले गए। चर्चा है कि हवाला के रुपये हैं। हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि गुरुवार दिन में वह चेकिंग कर रहे थे। उनके साथ जीआरपी कोतवाल सुनील कुमार सिंह और क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर अर्जुन कुमार यादव भी थे। फुट ओवरब्रिज पर उन्हें संदिग्ध युवक बैग के साथ दिखा। वह प्लेटफार्म नंबर दो पर जाने के लिए उतर ही रहा था कि उसे रोका गया। तलाशी के दौरान उसके बैग में 500-500 सौ रुपये की कई गड्डियां मिलीं। आरोपी युवक को नोटों के साथ आरपीएफ थाने लाया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि डेहरी (रोहतास) में गोपी बिगहा गांव निवासी आयुष राज वाराणसी से 60 लाख रुपये लेकर सासाराम जा रहा था। पीडीडीयू जंक्शन पर उसे पकड़ लिया गया। उसके पास नगदी संबंधी कागजात नहीं मिले। आरोपी युवक को नगदी समेत वाराणसी आयकर निरीक्षक रंजीत कुमार को सौंप दिया गया।
क्या चुनाव में खपाने के लिए जा रहा था पैसा? जांच-पड़ताल करने में जुटी पुलिस
युवक के पास इतनी भारी मात्रा में मिली 500 की करंसी देखकर पुलिस भी हैरान है। पुलिस इन रुपयों को बिहार में हुए इलेक्शन से जोड़कर देख रही है। पैसा किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का तो नहीं है? पुलिस इस एंगल से भी जानकारी करने में लगी है। फिलहाल सारा कैश आयकर विभाग ने अपने कब्जे में कर लिया है। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि चेकिंग के दौरान ओवरब्रिज पर एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया। इस पर उससे पूछताछ के बाद उसकी तलाशी ली गई थी। वह ऑटो के जरिए बनारस से चंदौली आया था। ट्रेन से बिहार के सासाराम जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पकड़ा गया।





