बरेली में मस्जिद पर चला बुलडोजर; अवैध निर्माण ध्वस्त, हाईकोर्ट के आदेश पर ऐक्शन
बरेली के भोजीपुरा में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने ग्राम समाज की करीब 300 वर्ग गज जमीन पर बनी अवैध मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त किया। नोटिस के बावजूद अतिक्रमण न हटाने पर कार्रवाई हुई। मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही।

बरेली जिले के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में शनिवार को पुलिस-प्रशासन ने ग्राम समाज की करीब 300 वर्ग गज जमीन में बने धार्मिक स्थल का ध्वस्तीकरण कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह कदम उठाया गया। सुबह होते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। दो बुलडोजरों की मदद से निर्माण को गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि संबंधित पक्ष को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। तय सीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर चलाने का फैसला लिया।
एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि इस भूमि को लेकर कानूनी विवाद साल 2008 से ही चल रहा था। सबसे पहले तहसीलदार कोर्ट ने इस निर्माण को अवैध मानते हुए बेदखली के आदेश पारित किए थे। इसके बाद दूसरा पक्ष राहत के लिए सिविल कोर्ट गया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और उनका मुकदमा खारिज कर दिया गया। जैसे ही अदालत की बाधाएं दूर हुईं, प्रशासन ने भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
करीब 300 वर्ग गज में फैली इस मस्जिद को गिराने के दौरान गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवानों ने पूरे इलाके को घेरे रखा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं बरेली एसएसपी कार्यालय में हिंदू संगठनों और ग्राम घंघोरा पिपरिया के लोगों ने एसपी और जिलाधिकारी को ग्रामवासियों की तरफ से शिकायती पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने बताया कि ग्राम सभा की गाटा संख्या 1474 की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 1998 से चार बार ग्राम सभा द्वारा भूमि खाली कराने के आदेश दिए गए, लेकिन मुस्लिम समाज द्वारा कई अतिक्रमण और फर्जी मुकदमे दायर करने के बावजूद हर बार फैसले ग्राम सभा के पक्ष में रहे। हाल ही में 28 अक्टूबर 2025 को दी गई याचिका भी खारिज कर दी गई और फैसला ग्राम सभा के पक्ष में आया। पिछले 28 वर्षों में सैकड़ों बार राजस्व अधिकारियों और जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से गाटा संख्या 1474 से अवैध कब्जा हटाकर भूमि को ग्राम सभा को सौंपने की मांग की।


