लखनऊ में गरजा बुलडोजर, 200 से अधिक दुकानें और मकान ध्वस्त
यूपी की राजधानी लखनऊ में रेलवे की जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को रेलवे प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। 200 से अधिक अस्थाई और पक्की दुकानें व मकान ध्वस्त करा दिए गए।
यूपी के लखनऊ में मवैया रेलवे क्रॉसिंग (मिल रोड) के आसपास नालों और रेलवे की जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को रेलवे प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। लोको के प्रवर्तन अधिकारियों, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर से नाले किनारे बने 200 से अधिक अस्थाई और पक्की दुकानें व मकान ध्वस्त करा दिए गए। पूरी कार्रवाई की आरपीएफ ने वीडियोग्राफी भी कराई।
सुबह करीब 10 बजे अधिकारी बुलडोजर के साथ मवैया क्रॉसिंग पहुंचे। यहां से अभियान की शुरुआत तिवारी होटल के पास नाले किनारे सरकारी जमीन से की गई। कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद ब्रिज के नीचे, मछली मंडी और रेलवे क्रॉसिंग के आसपास रेलवे की भूमि पर किए गए कब्जों को हटाया गया। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान सैकड़ों वर्गमीटर रेलवे भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
कई लोगों ने अस्थायी दुकानों के साथ पक्के मकान तक बना लिए थे
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे की कॉलोनियों और रेल पटरी के किनारे खाली पड़ी सरकारी जमीन पर लगातार अवैध कब्जे किए जा रहे थे। कई लोगों ने अस्थायी दुकानों के साथ पक्के मकान तक बना लिए थे। रेलवे संपत्ति (गैर-कानूनी कब्जा) अधिनियम, 1966 के तहत यह कार्रवाई की गई है। हालांकि अभियान के दौरान अधिकारी मीडिया से जानकारी देने से बचते रहे।
सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं
वहीं, कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों ने नाराजगी जताई। जूस विक्रेता ऋषभ गुप्ता, पान गुमटी संचालक अनंत देव और मोबाइल शॉप चलाने वाले ऋषि ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई। उनका कहना था कि वर्षों से छोटे कारोबार के सहारे परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे, लेकिन अचानक हुई कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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