
संभल में एक बार फिर गरजा बुलडोजर, सपा विधायक के कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन
पिछले एक साल से कई कारणों से चर्चा में रहने वाले यूपी के संभल में एक बार फिर बुलडोजर गरजा है। इस बार सपा विधायक और उनके परिजनों के कब्जे में रही सरकारी जमीन को बुलडोजर एक्शन के बाद मुक्त कराया गया है।
उत्तर प्रदेश के संभल में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर गरजा। इस बार जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक और उनके परिजनों के बाग में शामिल सरकारी जमीन को बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त कराया। सपा विधायक इकबाल महमूद व उनके परिजनों आदि का तहसील संभल के ग्राम मंडलाई में दो गाटा संख्या में एक बाग है। इस बाग में सरकारी भूमि को शामिल कर लिए जाने की शिकायत प्रशासन को मिली थी।
एसडीम विकास चंद्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बाग की नापजोख कराई। नापी के दौरान टीम को बंजर की लगभग साढ़े तीन बीघा सरकारी भूमि बाग में शामिल मिली। इसे टीम ने बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त कराया। एसडीएम ने बताया कि कब्जा काफी पुराना प्रतीत हो रहा है। नापी के दौरान बाग में एक कटहल का पेड़ भी बिना अनुमति के कटा मिला है। वन विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए बुलाया गया है।
एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि राजस्व टीम की नपाई में पाया गया कि गाटा संख्या 198 और 222 विधायक इकबाल महमूद और उनके पुत्रों सुहैल, फैज और शान इकबाल के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा असलम, जुनैद के नाम भी है, लेकिन इनके बीच की सरकारी भूमि-गाटा संख्या 221क (बंजर), 221ख (गूल), 271 और 272 (नाली)-को जोड़कर बाग का हिस्सा बढ़ा लिया गया था। इससे सरकारी जमीन का अस्तित्व लगभग खत्म हो गया था, जिसके तहत शनिवार को टीम के साथ मौके पर पहुंचकर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया।
कार्रवाई के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। बुलडोजर चलवाकर अवैध कब्जा हटाया गया और भूमि खाली कराई गई। एसडीएम ने बताया कि कब्जा कई वर्षों से चला आ रहा था। यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि कब्जा कब से है, लेकिन लंबे समय से जमीन का उपयोग बाग के रूप में किया जा रहा था। एसडीएम ने कहा कि संबंधित लोगों के खिलाफ अलग से विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के बाद हिंसा फैल गई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। इस अभियान में तमाम स्थानों पर अतिक्रमण मिले थे। इन अतिक्रमणों पर बुलडोजर गरजा तो कई हिंदू पौराणिक स्थल और कुएं आदि दिखाई देने लगे। इसी के बाद बिजली चोरी के खिलाफ भी अभियान चला। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क भी प्रशासन के निशाने पर आए। उनके घर पर अतिक्रमण मिला और बिजली चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज की गई।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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