
यूपी इस जिले में मस्जिद पर चलेगा बुलडोजर, प्रशासन ने बनाया प्लान, कार्रवाई की तारीख भी बताई
संभल में गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को हटाने के लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। लंबी कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन रविवार को अतिक्रमण हटाएगा।
यूपी के संभल में गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को हटाने के लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। लंबी कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन रविवार को अतिक्रमण हटाएगा। कार्रवाई के लिए एसडीएम ने विशेष टीम का गठन कर दिया है, जिसमें नगर पालिका और नगर पंचायत प्रशासन का भी सहयोग रहेगा। एसडीएम रामानुज सिंह ने बताया कि मामला 0.212 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि पर बनी मस्जिद से जुड़ा है। जिला प्रशासन के अभिलेखों के अनुसार, यह भूमि सरकारी श्रेणी में दर्ज है, जिस पर हाजी शमीम द्वारा कब्जा कर निर्माण करने की बात सामने आई थी।
लेखपाल की रिपोर्ट पर तहसीलदार कोर्ट में ग्राम पंचायत बनाम हाजी शमीम मुतवल्ली के नाम से वाद दायर किया था। लंबे समय तक चली सुनवाई में साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर मस्जिद को अवैध निर्माण मानते हुए हटाने के आदेश जारी किए गए। रविवार को होने वाली इस कार्रवाई के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजस्व टीम के साथ भारी पुलिस बल और स्थानीय निकायों के संसाधनों को भी तैनात रखा जाएगा। डीएम राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि तिथि आगे बढ़ाने की बात गलत है। मस्जिद को रविवार को हटाया जाएगा।
कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जा करने के मामले में 48 लोगों को नोटिस
संभल में कब्रिस्तान की आठ बीघा भूमि पर 22 अवैध निर्माणों में रह रहे 48 लोगों को शुक्रवार को प्रशासन ने नोटिस तामिल कराया है। सभी नोटिसधारकों को 15 दिन के अंदर अपना जवाब व साक्ष्य देने को कहा गया है। प्रशासन ने श्रीहरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद विवादित क्षेत्र के पास स्थित आठ बीघा कब्रिस्तान भूमि पर 30 दिसंबर को कराई गई पैमाइश में 22 अवैध निर्माणों को चिह्नित किया था। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी 48 नोटिसधारकों को अपना जवाब व साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। यदि तय अवधि में संतोषजनक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए, तो उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगर पालिका परिषद में टैक्स जमा करना भूमि के स्वामित्व का प्रमाण नहीं माना जाएगा। नोटिस के जवाब में प्रस्तुत किए जाने वाले सभी दस्तावेजों की राजस्व अभिलेखों से जांच की जाएगी। एक ही भवन में कई परिवारों के निवास को देखते हुए प्रत्येक परिवार को अलग-अलग नोटिस जारी किए हैं।
डीएम से की थी अवैध कब्जा हटाने की मांग
संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी में गाटा संख्या 32/2 में दर्ज यह भूमि कब्रिस्तान (नॉन जेड-ए श्रेणी) की है। इस मामले में श्रीकल्कि सेना (निष्कलंक दल) के राष्ट्रीय संयोजक स्वास्थ्य त्यागी एडवोकेट द्वारा 12 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी से अवैध कब्जा हटाने की मांग की थी, जिसके बाद मामला प्रशासनिक व न्यायिक स्तर तक पहुंचा। एसडीएम रामानुज सिंह के निर्देशन में गठित टीम द्वारा सीमांकन और जांच की गई थी। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह को इसका प्रभारी बनाया गया है, जबकि नायब तहसीलदार बबलू कुमार, दीपक जुरैल और अरविंद कुमार सिंह सह-प्रभारी हैं। पैमाइश के दौरान आठ थानों की पुलिस फोर्स, ड्रोन कैमरे और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई हुई। प्रशासन अब प्रत्येक कब्जाधारक का विस्तृत डाटा नाम, कब्जे का रकबा, निर्माण का स्वरूप और अवधि तैयार की गई। ताकि आगे की कार्रवाई पारदर्शी ढंग से की जा सके। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि सरकारी व सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता है और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी।





