बागपत में मस्जिद पर गरजा बुलडोजर; घंटों में हुई ध्वस्त, छतों से पुलिस के जवानों ने निगरानी की
बागपत के राजपुर-खामपुर गांव में हाईकोर्ट के आदेश पर सरकारी जमीन पर बनी 70 साल पुरानी तकिया वाली मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। ढाई घंटे चली कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। प्रशासन ने कहा कि कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के तहत की गई।

बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र के राजपुर-खामपुर गांव में शनिवार को जिला प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सरकारी भूमि पर बनी पुरानी तकिया वाली मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। राजपुर-खामपुर गांव में करीब 100 गज क्षेत्र में बनी यह मस्जिद कई साल पुरानी बताई जाती है। मस्जिद परिसर में दो कमरे बने हुए थे, जहां एक मदरसा भी संचालित होता था। मदरसे में करीब 40 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे थे।
सरकारी जमीन पर बनी थी मस्जिद
गांव निवासी गुलशेर ने वर्ष 2021 में शिकायत की थी कि मस्जिद तालाब की सरकारी भूमि पर बनी हुई है। मामला पहले एसडीएम और डीएम स्तर तक पहुंचा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वर्ष 2022 में गुलशेर ने सिविल कोर्ट में वाद दायर किया। मामला लंबित रहने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अप्रैल 2026 में हाईकोर्ट ने मस्जिद को अवैध निर्माण मानते हुए जिला प्रशासन को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके बाद 16 जून को एसडीएम द्वारा मस्जिद परिसर को खाली करने और ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा किया गया। मौलवी को भी सामान हटाने के निर्देश दिए गए थे।
100 से ज्यादा पुलिसकर्मी रहे मौजूद
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम भावना सिंह, दो थाना प्रभारियों और लगभग 100 पुलिसकर्मियों के साथ गांव पहुंचीं। एक बुलडोजर की मदद से करीब ढाई घंटे तक कार्रवाई चली और मस्जिद को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के मकानों की छतों पर भी बुलेटप्रूफ जैकेट पहने पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। जानकारी के मुताबिक कुछ लोगों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के तहत की गई और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।


