Hindi NewsUP NewsBulldozer action in Bareilly: 34 years of existence demolished in 14 hours, pre-independence bricks found in walls
बरेली में बुलडोजर एक्शन: 34 साल का वजूद 14 घंटे में ध्वस्त, दीवारों से निकलीं आजादी के पहले की ईंटें

बरेली में बुलडोजर एक्शन: 34 साल का वजूद 14 घंटे में ध्वस्त, दीवारों से निकलीं आजादी के पहले की ईंटें

संक्षेप:

बरेली में आजम खां और मौलाना तौकीर रजा के करीबियों के बारात घरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। एक साथ दो बुलडोजरों और पोकलेन मशीन ने 34 साल पहले बनी इमारत को 14 घंट में मलबे में तब्दील कर दिया। इस दौरान सुबह से शाम तक यहां रहने वाले परिवारों, किराएदारों, काम करने वालों के आंसू बहते रहे।

Dec 04, 2025 09:42 am ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी के बरेली में बारात घर एवान-ए-फरहत और गुड मैरिज होम पर ध्वस्तीकरण से बचाने के लिए परिवार के लोगों ने तमाम कोशिशें कीं, लेकिन नाकाम हो गई। सुबह से शाम तक परिवार के सदस्य, किरायेदार की आंखों से आंसू बहते रहे। यहां काम करने वाले लोगों की आंखों में आंसू, आजीविका को लेकर चिंता दिखाई दी। 34 साल का वजूद 14 घंटे में ढेर हो गया। ऐवान ए फरहत के मालिक के बेटे सैफ वली खां ने बताया कि यह जगह उन्होंने 1991 में खरीदी थी। इसके बाद वहां के पुराने निर्माण को नया रूप देकर बारातघर बनाया था। ध्वस्तीकरण में 1946 और 1947 की ईंटें मिलीं हैं।

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आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के करीबी सरफराज वली खां, राशिद खान के सूफीटोला मोहल्ले में बने अवैध दो मंजिला बारातघर, मकान को जमींदोज करने में बीडीए को दो दिन में छठ बुलडोजर और दो पोकलेन मशीनें लगानी पड़ीं। मंगलवार को शुरू हुई यह कार्रवाई बुधवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे तब पूरी हुई, जब भारी मशीनरी के प्रहार से यह बारातघर कुछ ही सेकेंड में धराशायी होकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।

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मंगलवार को बीडीए की टीम ने पहली बार कार्रवाई करते हुए दो बुलडोजर और एक पोकलेन मशीन लगाई थी, लेकिन सूरज ढलने तक टीम केवल 40 प्रतिशत हिस्सा ही गिरा सकी। बुधवार सुबह 11 बजे दो बुलडोजर और एक पोकलेन मशीन के साथ ध्वस्तीकरण का काम दोबारा शुरू किया गया। शाम करीब 5:30 बजे अंतिम प्रहार के साथ दोनों बारातघर मिट्टी में मिल गए।

मलबे में समा गए सूफीटोला के दोनों बारातघर: ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सूफीटोला की गलियों को पूरी तरह बंद कर दिया गया, बैरिकेडिंग लगाई गई और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर कई थानों की पुलिस, पीएसी, सीओ, मजिस्ट्रेट और परिवर्तन दल के सदस्य मौजूद थे, वहीं बीडीए अधिकारी भी निगरानी करते रहे।

एक नारे ने जमींदोज कराए दोनों निर्माण?

सूफी टोला में एवान-ए-फरहत और गुड मैरिज होम हमेशा चर्चाओं में रहे हैं। 26 सितंबर को बरेली में हुए बवाल से भी सूफीटोला का गहरा नाता रहा है, जो ध्वस्तीकरण तक यूं ही नहीं पहुंचा। इसके पीछे की कहानी एक नारे से शुरू होती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि 26 सितंबर को तमाम गलियों में बैनर पोस्टर लगाए गए। मकानों की दीवारों पर स्टीकर तक चस्पा दिए गए। कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन तक हुए। बुधवार को जब बीडीए के बुलडोजर बारातघरों को तोड़ रहे थे तो आसपास के दुकानों में लोग चर्चा करते मिले। उनमें से कुछ यही बोल रहे थे कि एक नारे ने बारातघरों के वजूद को मिटा दिया।

कम किराये पर मिल जाता था बारातघर

स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब परिवार में होने वाले समारोह में ये बारातघर बहुत काम आते थे। सस्ता किराया में मिल जाते थे, लेकिन अब लोगों को परेशानी होगी। कुछ लोगों ने बताया कि यहां पर कुछ ऐसे भवन हैं, जो नवाबों के जमाने के हैं। इसमें से ये दोनों बारातघर भी थे। पहले ये बारातघर किसी रामपुर के नवाब के थे। उन्होंने अपने किसी साथ रहने वालों को सौंप दिया और रामपुर चले गए। धीरे धीरे इनके मालिक बदलते गए। 1991 में सरफराज वली खां और राशिद खां ने इसको लिया।

आधे घंटे के लिए थमी कार्रवाई, मंगाया पोकलेन

मंगलवार को हुई कार्रवाई के दौरान दोनों बरातघर का करीब 40 फीसदी हिस्सा ही बीडीए की टीम ढहा पाया था। बुधवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पास के अन्य मकानों को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए आधे घंटे तक कार्रवाई को रोककर पोकलेन मशीन मंगाई गई। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को तेजी से किया गया।

अब दीवानखाना व ब्रह्मपुरा के बारातघर रडार पर

सूफी टोला में दो दिन की कार्रवाई के बाद बीडीए अब अगली कार्रवाई की तैयारी में है। जानकारों के मुताबिक बीडीए के रडार पर दीवानाखाना स्थित डे-लाइट और ब्रह्मपुर में इकबाल पैलेस है। वहीं, सैलानी रोड की तीन मंजिला मार्केट और शोरूम भी ध्वस्तीकरण की सूची में शामिल हैं। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोगों में दहशत भी है।

बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन के अनुसार सूफी टोला के दो बारातघरों पर बरेली विकास प्राधिकरण ने दो दिन कार्रवाई कर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया है। अवैध निर्माण के खिलाफ बीडीए की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।