
बरेली में बुलडोजर ऐक्शन से हड़कंप, जमींदोज किए जा रहे करोड़ों के बारात घर
बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल के आरोपियों पर कार्रवाई के साथ ही अवैध संपत्तियों पर भी सख्ती जारी है। BDA ने मंगलवार के बाद बुधवार को मौलाना तौकीर रजा के करीबी सूफी टोला निवासी सपा नेता सरफराज वली खां, राशिद खान के बारातघरों पर दूसरे दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। तीसरे दिन भी कार्रवाई जारी है।
उत्तर प्रदेश के बरेली में मौलाना तौकीर रजा के करीबी सरफराज वली खां के बारातघरों पर बीडीए की कार्रवाई जारी है। गुरुवार को एवान-ए-फरहत बारातघर के बचे हुए हिस्सों पर बुलडोजर चलाने के लिए टीम मौके पर जैसे ही पहुंची हड़कंप मच गया। बीडीए ने इसे अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्तीकरण का सिलसिला जारी रखा है।
इससे पहले मंगलवार और बुधवार को भी दोनों बारातघरों एवान-ए-फरहत और गुड मैरिज होम पर कार्रवाई हुई थी। बारातघर के मालिक सरफराज वली खां ने बीडीए की इस कार्रवाई को कानून के खिलाफ बताते हुए आपत्ति जताई, लेकिन बीडीए ने अवैध निर्माण हटाने की बात दोहराते हुए कार्रवाई जारी रखी। गुरुवार को तीसरे दिन वीडियो के अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ पोकलेन मशीन और बुलडोजर लेकर बारात करके बचे हुए हिस्से को तोड़ने के लिए पहुंच गई। बारात घर के मालिक सरफराज वली खां हैं। उन्होंने अपना पक्ष समझाने की कोशिश की लेकिन अधिकारी नहीं माने।
भारी पुलिस बल तैनात
ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल, साथ ही कई थानों की फोर्स तैनात रही। एरिया को पूरी तरह से बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया। कार्रवाई के समय सीओ और मजिस्ट्रेट मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे। प्रशासन ने कहा है कि बचा हुआ अवैध निर्माण भी पूरी तरह जमींदोज किया जाएगा।
बरेली बवाल के बाद से जारी है ऐक्शन
बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल के आरोपियों पर पुलिस की कार्रवाई के साथ ही अवैध संपत्तियों पर भी सख्ती जारी है। बीडीए ने मंगलवार के बाद बुधवार को मौलाना तौकीर रजा के करीबी सूफी टोला निवासी सपा नेता सरफराज वली खां और राशिद खान के बारातघरों पर दूसरे दिन भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। बुधवार सुबह 10 बजे दो बुलडोजर सूफी टोला पहुंचे थे। दो घंटे बाद 12 बजे से गुड मैरिज हॉल और एवान-ए-फरहत के बचे हुए हिस्से को तोड़ना शुरू किया गया। इससे पहले एक शादी हॉल की छत पर लगे मोबाइल टॉवर को भी हटाने की कार्रवाई की गई। वहीं, बीडीए उपाध्यक्ष डा. ए. मनिकंडन ने बताया था कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एवान-ए-फरहत और गुड मैरिज होम को बचाने की कोशिशें हुईं नाकाम
एवान-ए-फरहत और गुड मैरिज होम पर ध्वस्तीकरण से बचाने के लिए परिवार के लोगों ने तमाम कोशिशें कीं, लेकिन नाकाम हो गई। सुबह से शाम तक परिवार के सदस्य, किरायेदार की आंखों से आंसू बहते रहे। वहीं यहां काम करने वाले लोगों की आंखों में आंसू, आजीविका को लेकर चिंतित दिखे। 34 साल का वजूद 14 घंटे में ढेर हो गया। ऐवान ए फरहत के मालिक के बेटे सैफ वली खां ने बताया कि यह जगह उन्होंने 1991 में खरीदी थी। इसके बाद वहां के पुराने निर्माण को नया रूप देकर बारातघर बनाया था। ध्वस्तीकरण में 1946 और 1947 की ईंटें मिलीं हैं।





