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18 जनवरी, 2021|3:51|IST

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पलायन कर रहे मजदूर, संकट में पॉटरी उद्योग

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एक ओर जहां शासन ने पॉटरी उद्योगों को शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। वहीं, पॉटरी मजदूरों के पलायन का सिलसिला जारी है। पिछले दो सप्ताह में कई हजार मजदूर अपने-अपने गांव लौट गए हैं। जिससे पॉटरी ईकाइयों पर संकट छा जाएगा। उद्यमी अपनी पॉटरियों में किससे काम कराएंगे? सबसे बड़ा सवाल बनकर उभर रहा है? इस स्थिति को सामान्य होने में कितना वक्त लगेगा, यह कहना बहुत मुश्किल है। खुर्जा में करीब 250 पॉटरी ईकाइयां संचालित हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल, मध्यप्रदेश आदि प्रांतों के हजारों लोग काम करते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण न तो उद्योग चल रहे थे और न ही मजदूरों को काम मिल रहा था। हालांकि प्रदेश सरकार ने बीती 3 मई को सभी पॉटरी उद्योगों को सशर्त शुरू करने के आदेश दिए, जिस पर कई उद्यमियों ने अपनी-अपनी पॉटरियों का जिला उद्योग कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराया, ताकि नियमानुसार उद्योग संचालित हो सकें। मगर, मजदूरों के पलायन ने उद्यमियों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि कुछ मजदूर खुर्जा के आसपास के गांवों में मूल रूप से रहने लगे हैं। ऐसे में इन्हीं मजूदरों से काम लिया जाएगा, लेकिन मौजूद मजदूर पॉटरी उद्योग के लिए नकाफी साबित होंगे। जिससे उद्यमियों की मुश्किलें कितने दिन तक रहेंगी यह कह पाना मुश्किल है। कोट- पॉटरी मजदूरों का अपने घर जाना चिंता का विषय है। उद्योग की स्थिति सामान्य होने में कितना वक्त लगेगा? इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन उद्यमियों के लिए भी यह दौर अच्छा नहीं है।-संजय गुप्ता(न्यू आदर्श) अध्यक्ष केपीएमए। ----------------------------

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  • Web Title:Workers fleeing pottery industry in crisis