बोले बुलंदशहर:: एसआईआर: जिले में डिजिटाइजेशन का काम पूरा, मैपिंग के लिए मिला एक और अवसर
Bulandsehar News - -जिले में तेजी से चल रहा है एसआईआर का कार्य, मैपिंग के लिए शासन ने दिया 15 दिन का और अवसर
जिले में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 अभियान का गुरुवार को अंतिम दिन था। बीएलओ, सुपरवाइजर ने सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा कर दिया। शासनस्तर से अंतिम दिन से एसआईआर की समय सीमा 15 दिन बढ़ा दी गई तो छूटे हुए लोगों को गणना प्रपत्र भरकर जमा करने का एक और अवसर मिल गया है। वहीं सत्यापन के दौरान मैपिंग वाले मतदाताओं की संख्या बढ़ने का भरपूर समय भी मिल गया है। मैपिंग बढ़ जाएगी तो बाकी मतदाताओं को नोटिस भेजकर उनकी नागरिकता के प्रमाण मांगे जाएंगे। एसआईआर की समय सीमा बढने पर जिले के लोगों ने शासन का आभार जताया है।
एसआईआर में अंतिम दिन तक सभी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में डिजिटाइजेशन पूरा होने के बाद 15 दिन का अवसर मिला तो मैपिंग बढ़ने की पूरी संभावना है। जिन बीएलओ को 2003 मतदाता सूची के डिटेल मिल जाएंगे उनकी मैपिंग एप में हो जाएगी। ऐसे में उन्हें आगे नोटिस भेजकर दस्तावेज मांगने की नौबत नहीं आएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने 15 दिन बढ़ाते हुए पुनः संशोधित तिथियां जारी कर दी है। संशोधित तिथियों के अनुसार 26 दिसम्बर, 2025 तक गणना अवधि निर्धारित की गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन अब 31 दिसंबर, 2025 को होगा। इस दौरान मृतक, स्थानांतरित व अनुपस्थित मतदाताओं का पुन: सत्यापन कराया जाएगा ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं को अवसर मिल जाए। जिले में पहले की तिथि के अनुसार अंतिम दिन गुरुवार को बीएलओ के सहयोग में डिजिटाइजेशन में लगे थे। 23 गणना प्रपत्र जमा भी जमा हुए थे। उसी दौरान पहुंचे कुछ लोगों ने बताया कि उनकी पत्नी का नाम है लेकिन उनका नाम नहीं है। सूची से उनका नाम खोज जा रहा था। अब ऐसे मतदाताओं को नया अवसर मिल जाएगा। जिनका नाम सूची से हटा दिया गया था। फर्जी मतदाताओं को रोकने को चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद जिले में कई लोगों को मुसीबत लग रही है। वजह यह है कि जिले में अब तक हजारों मतदाता ऐसे हैं। जिन्हें एसआईआर के फार्म अभी तक नहीं मिल पाएं हैं। लोग घर पर बीएलओ के आने का इंतजार कर रहे हैं। जबकि वार्ड क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या ज्यादा होने से बीएलओ घर-घर दस्तक नहीं दे पा रहे हैं। किसी एक स्थान पर बैठकर लोगों को एसआईआर फार्म उपलब्ध करा रहे हैं। चुनौतियों के बीच बीएलओ जैसे-तैसे काम को आगे बढ़ा रहे हैं। काफी संख्या में लोगों ने बीएलओ के कार्य को लेकर नाराजगी दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीएलओ उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद भी घर-घर नहीं पहुंच रहे हैं। अपने परिचितों के यहां बैठे हैं। वहीं से फार्म वितरण का काम कर रहे हैं। जो उनके पास पहुंच जाता है। उसे फार्म की गड्डी थमा दी जाती है। खुद से फार्म खोजने को बोला जाता है। बीएलओ के पास लोगों की भीड़ लग रही हैं। इस वजह से फार्म खोजने में काफी दिक्कत आ रही है। कुछ पूछने पर बीएलओ संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। जिले के इलाकों में अभी तक सभी मतदाताओं को एसआईआर फार्म नहीं मिल पाए है। काफी लोगों को भेजा जाएगा नोटिस- बीएलओ सर्वे में गणना प्रपत्र भरने के दौरान शहरी मतदाता पीछे रह गए। निर्धारित समय में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन करने के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया लेकिन शहर क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाताओं की मैपिंग 2003 की सूची से नहीं हुई है। इसमें कुछ मतदाता ऐसे भी हैं जिनकी मैपिंग का एक और अवसर मिल गया। वहीं आंशिक शहरी क्षेत्र वाले ग्रामीण में मैपिंग नहीं हुई है। मैपिंग के मामले में शहरी क्षेत्र का कार्य बेहतर है। इसमें सिर्फ मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है। दावे और आपत्तियों का इंतजार- ओगर निवासी वरिष्ठ समाज सेवी अर्जुन सिंह बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मतदाताओं के नाम बिना उनकी मर्जी के काटे गए हैं। जो लोग जहां मतदाता बनना चाहते हैं उन्हें कहीं और भेज दिया गया। अब सत्यापन में लोगों की समस्या रखी जाएगी जबकि हम लोग दावे आपत्तियों का इंतजार कर रहे थे। एसआईआर: यहां दर्ज करा सकते हैं शिकायत- जिन मतदाताओं को अभी तक फार्म नहीं मिले हैं। वह सहायता को जिला संपर्क केंद्र पर जाकर संपर्क कर सकते हैं। बीएलओं की शिकायत टोल फ्री नंबर 1950 पर दर्ज करा सकते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी श्रुति ने बताया कि सभी मतदाताओं के लिए यह फार्म भरना बेहद जरूरी है। फार्म में 2003 की मतदाता सूची में दर्ज रिश्तेदार का एपिक नंबर भरना होगा। जो लोग इस फार्म को नहीं भरेंगे। उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाएगा। अलग जरूरत के लिए भर सकते हैं अलग नंबरों के फार्म- मतदाता पहचान पत्र बनवाने को नए मतदाताओं को फार्म 6 भरना होगा। फार्म बीएलओ से मिलेगा। इस फॉर्म में आवेदक के दो फोटो, आधार कार्ड व परिवार के एक सदस्य की फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र की छाया प्रति लगेगी। इसके अलावा मतदाता नाम हटवाने को फार्म 7, नाम-पते में संसोधन को फार्म 8, एक विधान सभा क्षेत्र से दूसरी विधानसभा क्षेत्र में नाम जुड़वाने को फार्म 8 ए का प्रयोग कर सकते हैं। एक मतदाता एक ही स्थान पर मताधिकार का प्रयोग कर सकता है। इस बेबसाइट के माध्यम से भी भर सकते हैं ऑनलाइन फॉर्म- जिला निर्वाचन अधिकारी श्रुति ने हिन्दुस्तान से बातचीत में बताया कि जिन मतदाताओं के घर बीएलओ फार्म लेकर नहीं पहुंचे हैं। वह वेबसाइट voters.eci. gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। वेबसाइट से बीएलओ बुक किया जा सकता है। इसके अलावा विधानसभा स्तर पर हेल्प डेस्क खोली जा रही हैं। बूथ स्तर पर भी हेल्प डेस्क खोली जाएंगी। डीएम ने बताया कि जिन मतदाताओं के फॉर्म भरे जा चुके हैं। जिन्हें डिजिटलाइज्ड किया जा रहा है। अधिकारी लगातार कर रहे हैं निगरानी- जिले में फॉर्म वितरण की मॉनिटरिंग को सुपरवाइजरों की भी तैनाती की गई है। सुपरवाइजर बीएलओ पर नजर रख रहे हैं। खुद जिला निर्वाचन अधिकारी एसआईआर को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने साफ कहा है कि फार्म वितरण कार्य में जिन भी बीएलओ की लापरवाही और शिकायत सामने आएगी। उनके खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी। गणना प्रपत्र का एक फार्म बीएलओ के पास जमा होगा। वहीं दूसरे फार्म पर बीएलओ द्वारा रिसीविंग दी जाएगी। यह फार्म मतदाता के पास रहेगा। शिकायतें- 1. हजारों मतदाताओं अभी तक नहीं मिले हैं फार्म। 2. लोगों को नहीं मिल रही है सही जानकारी। 3. फॉर्म को लेकर लोगों में असमंजसता। 4. बीएलओ मतदाताओं को नहीं दे रहे हैं पूरी जानकारी। सुझाव- 1. मतदाताओं को समय पर प्रदान करें फार्म। 2. लोगों को दी जाए पूरी और सही जानकारी। 3. सही ढंग से किया जाए मतदाताओं की समस्याओं को निदान 4. मतदाताओं को दी जाए सही जानकारी। हमारी भी सुनो- एसआईआर में बीएलओ के साथ पार्षदों एंव स्थानीय लोगों ने सहयोग किया तो पुनरीक्षण का कार्य पूरा हो गया। अब अवसर मिल गया तो परिणाम और बेहतर नजर आएगा। -अर्जुन कुमार एसआईआर में 100 प्रतिशत मतदाताओं का डिजिटाइजेशन हो गया है। 15 दिन का अवसर और मिला है। इसमें सत्यापन होगा तो मैपिंग के साथ छूटे हुए लोगों की तलाशने में सुविधा हो जाएगी। -विनय कुमार कुछ लोगों मतदाताओं को गुमराह कर रहे हैं। जो कि गलत है। हम लोगों ने जागरूकता बढ़ाई कि जो व्यक्ति जहां निवास करता है, उसे वहीं मतदाता रहना चाहिए। -राजा मैंने रेलवे में नौकरी करते हुए बीस साल बाहर बिता दिया। मतदाता सूची में नाम नहीं है तो गणना प्रपत्र नहीं भर पाया। अवसर मिलेगा तो फार्म-6 भरकर वार्ड में मतदाता बनूंगा। -मोहन बूथ पर अंतिम दिन भी गणना प्रपत्र आए और अवसर दिया जाएगा तो लोग गणना प्रपत्र जमा करने आएंगें। क्योंकि अनेक लोग भूल गए हैं कि उन्हें गणना प्रपत्र जमा करना है। -राजेश कुमार सभी लोगों के प्रयास से एसआईआर का काम बेहतर हुआ है। नया अवसर मिला है तो सत्यापन में मतदाताओं को खोजने में आसानी होगी। अब कम मतदाताओं में छूटे हुए लोगों को खोजना आसान है। -शाहिद शहर में मेरा मकान है, लेकिन स्थानीय निवास नोएडा में है। मैंने अपने परिवार के साथ ही गणना प्रपत्र भरवा दिया, क्योंकि परिवार के सभी लोगों को एक ही बूथ पर होने का विकल्प चुना है। -राजपाल सिंह मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पढ़े-लिखे लोगों ने भी 2003 की सूची से अपना नाम तलाशकर बीएलओ को नहीं दिया। शहर के लोगों ने प्रयास किया होता तो मैपिंग कार्य और अच्छा होता। -संतोष सिंह मेरे घर में कुछ सदस्यों लेकिन मेरा फार्म अब तक नहीं मिल पाया है। मेरे परिजनों ने भी फार्म के बारे में जानकारी करने का प्रयास किया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। मेरा यही कहना है कि फार्म जल्दी उपलब्ध कराया जाए। -करन अभी तक मेरा फार्म नही भरा है। बीएलओ के पास भी जा चुका हूं। बीएलओ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है। समझ नहीं आ रहा है कि क्या करूं। अधिकारियों से निवेदन है कि इस प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। जिससे हमें राहत मिले। -सोहनपाल सिंह कोट-- जिले में एसआईआर का कार्य तेजी से चल रहा है। शासनस्तर से इसकी समय सीमा को 15 दिन के लिए और बढा दिया गया है। कार्य में कहीं कोई लापरवाही न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी मतदाता को किसी भी तरह की कोई समस्या है तो वह अपनी शिकायत दर्ज कराएं। तत्काल कार्रवाई की जाएगी। -श्रुति, जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी -----------------------------------

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