473 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल आज होगा समाप्त, प्रशासकों के हाथों कमान संभव
Bulandsehar News - बुलंदशहर। जिले की ग्रामीण सरकार और विकास की धुरी कही जाने वाली त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में आज से बड़ा बदलाव शुरू हो जाएगा। जिले के सभी 16 ब्लॉ

बुलंदशहर। जिले की ग्रामीण सरकार और विकास की धुरी कही जाने वाली त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में आज से बड़ा बदलाव शुरू हो जाएगा। जिले के सभी 16 ब्लॉकों की 946 ग्राम पंचायतों में तैनात प्रधानों का कार्यकाल आज और कल में समाप्त हो जाएगा। पहले चरण में आज रविवार को जिला मुख्यालय से लेकर देहात तक फैले आठ प्रमुख ब्लॉकों की 473 ग्राम पंचायत एवं पांच हजार ग्राम पंचायत सदस्यों का कार्यकाल विधिक रूप से समाप्त हो रहा है, जबकि शेष बचे आठ ब्लॉकों की पंचायतों का कार्यकाल सोमवार 26 मई को समाप्त हो जाएगा। दो दिनों के इस क्रम से ग्रामीण राजनीति की चौपालों पर सन्नाटा पसरने लगा है।
गांवों में प्रधानी का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही अब प्रशासनिक कमान संभालने यानी प्रशासकों को चाबी सौंपने की तैयारी जिला स्तर पर लगभग पूरी है, हालांकि इस मोड़ पर सबसे बड़ा पेंच यह फंसा है कि शासन से अभी तक प्रशासक नियुक्त करने या आगामी अंतरिम कार्य योजना को लेकर कोई भी लिखित और आधिकारिक गाइड लाइन जारी नहीं हुई है जिससे जिले के पंचायती राज विभाग से लेकर प्रधानों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। डीपीआरओ नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि 25 एवं 26 मई को जिले की सभी 946 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बीडीसी एवं ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल जुलाई में समाप्त होगा। --- इन आठ ब्लॉकों के प्रधान आज हो जाएंगे भूतपूर्वसोमवार को जिले के जिन आठ ब्लॉकों की 473 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें अनूपशहर, अगौता, बीबीनगर, बुलंदशहर, डिबाई, जहांगीराबाद, गुलावठी और खुर्जा शामिल हैं। आज आधी रात के बाद इन गांवों के विकास खातों के संचालन, नए प्रस्तावों को मंजूरी देने और अन्य सभी वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। अलावा 26 मई को ऊंचागांव, पहासू, स्याना, सिकंदराबाद, दानपुर, शिकारपुर, लखावटी व अरनियां के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो जाएगा। डीपीआरओ ने बताया की स्वत: ही इन प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।---कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर प्रधानों में लामबंदीपंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने की प्रशासनिक उल्टी गिनती शुरू होते ही जिले भर के ग्राम प्रधानों ने विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। प्रधानों का तर्क है कि ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों रुपये के विकास कार्य और बुनियादी ढांचागत परियोजनाएं अधर में लटकी हैं, इसलिए जनहित में उनका कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए। अपनी इस मांग को लेकर प्रधान लगातार एकजुट हो रहे हैं और शासन स्तर पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष जगमाज सिंह मावई का कहना है कि प्रधानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता की है, उम्मीद है कि प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा। --- शासन के निर्णय पर निगाहें, आदेश का इंतजारप्रधानी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नियमानुसार गांवों की कमान ब्लॉक स्तर के अधिकारियों एडीओ पंचायत व ग्राम सचिवों को बतौर प्रशासक सौंप दी जाती है। लेकिन इस बार कार्यकाल समाप्त होने की तिथि तक शासन की ओर से आगामी योजना या प्रशासक तैनाती को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में प्रशासनिक गलियारों से लेकर गांवों की चौपालों तक संशय का माहौल है। वर्तमान प्रधानों को अंतिम समय तक कार्यकाल विस्तार की उम्मीद है, तो वहीं जिला प्रशासन को लखनऊ से आने वाले अंतिम आदेश का इंतजार है।---- कोट-- जिले के आठ ब्लॉकों की 473 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। शेष का 26 को हो जाएगा। प्रशासक लगाने के लिए शासन से अभी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। दो दिन में 946 प्रधानों का कार्य समाप्त होगा। शासन से जो निर्देश आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही होगी। -नवीन कुमार मिश्रा, डीपीआरओ
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