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21 सितम्बर, 2020|9:47|IST

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नगर पंचायत का रिकार्ड आखिर किसकी शह पर हुआ गायब?

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औरंगाबाद नगर पंचायत का पिछले तीन साल का रिकॉर्ड गायब करने के मामले में कर्मचारी को सस्पेंड करने के बाद नगर पंचायत प्रशासन कटघरे में आ गया है। तीन साल तक ईओ और चेयरमैन को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी। पूरे प्रकरण में नामित सभासद ने आंदोलन की चेतावनी दी है, जिसके बाद से नपा में हड़कम्प मचा हुआ है।बता दें कि शासन से नामित सभासद और पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी ने सांसद डॉ. भोला सिंह के साथ नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कई बिन्दुओं पर डीएम से मामले की जांच के लिये शिकायत की थी। डीएम रविन्द्र कुमार ने एसडीएम सदर सदानंद गुप्ता को प्रकरण की जांच सौंपी थी। जांच टीम के आने से पहले ही ईओ मुख्तयार सिंह ने कर्मचारी नेमपाल सिंह को रिकॉर्ड गायब करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया। नामित सभासद राजकुमार लोधी का आरोप है कि नगर पंचायत के एक ठेकेदार ने चेयरमैन ईओ की मिलीभगत से दो दर्जन से अधिक सरकारी फाइलों को गायब किया है। आखिर पिछले तीन साल का ही रिकॉर्ड क्यूं गायब हुआ है। सभासद ने बताया कि पिछले एक वर्ष से 30 बिंदुओं पर आरटीआई मांगी जा चुकी है। लेकिन नगर पंचायत ने अभी तक उसका जवाब नहीं दिया है। कोट--चेयरमैन-ईओ ने कर्मचारी को सस्पेंड करके अपने ऊपर से वित्तीय अनियमितताओं की जांच पर पर्दा डालने की कोशिश की है। शासन के एक एक पैसे का हिसाब लिया जाएगा।-राजकुमार लोधी, सभासद नपा औरंगाबाद------------------ऑडिट के समय तो उक्त कर्मचारी रिकॉर्ड दे देता था। लेकिन उसने अब रिकॉर्ड क्यू छिपाया है।इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है।-मुख्तयार सिंह, ईओ औरंगाबाद

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  • Web Title:The record of the Nagar Panchayat has finally disappeared