बोले बुलंदशहर: सोना-चांदी के बढ़े दाम से सर्राफा में सन्नाटा
संक्षेप: Bulandsehar News - त्योहारों के मौसम में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण सर्राफा बाजार में सन्नाटा है। ग्राहक अब खरीदारी से कतराने लगे हैं, जिससे कारोबारियों को 50-60 प्रतिशत तक की गिरावट का सामना करना...
त्योहारों पर गुलजार रहने वाले सर्राफ बाजार में इस बार सन्नाटा पसरा है। सोने-चांदी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के चलते ग्राहक अब सर्राफा बाजार से दूरी बना रहे हैं। महंगाई ने आम जनता के साथ-साथ सर्राफा कारोबारियों की भी कमर तोड़ दी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई दुकानों में दिनभर में बहुत कम ग्राहक पहुंचते हैं। स्थानीय सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि पहले त्योहारी सीजन और शादी-विवाह के समय ग्राहकों की भारी भीड़ हुआ करती थी, लेकिन अब वह बात नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रही धातुओं की कीमतों का असर अब घरेलू बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है।
सोना-चांदी के दामों में आई बेतहाशा तेजी ने सर्राफा कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। ग्राहकों ने बाजार से दूरी बना ली है, जिससे व्यापारी परेशान हैं और दुकानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में ₹2,000 से ₹2,500 प्रति 10 ग्राम तक की तेजी दर्ज की गई है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि त्योहारी सीजन के बावजूद भी ग्राहक केवल पूछताछ कर रहे हैं, खरीदारी नहीं कर रहे है। बाजार में पहुंच रहे ग्राहक दाम सुनते ही आगे बढ़ जाते हैं। उनका कहना है कि नवरात्रि व धनतेरस पर गहने खरीदने के लोग योजना बनाते हैं, लेकिन जिस तेजी से दाम बढ़े हैं, उससे लोगों का बजट बिगड़ गया है। कारोबार नहीं चलने के कारण सर्राफा अब इंतजार कर रहे हैं कि कब दाम नीचे आएं। स्वर्णकार समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप वर्मा बताते हैं कि कारोबार में 50 से 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इतनी तेजी पहले कभी नहीं देखी गई। दाम बढ़ने से न सिर्फ ग्राहक दूर हो रहे हैं, बल्कि व्यापारियों के लिए स्टॉक करना भी महंगा पड़ रहा है। नकदी प्रवाह ठप हो गया है, जिससे छोटा व्यापारी खासा परेशान है, उन्होंने कहा कि सोना-चांदी की कीमतों में उछाल के चलते शादी-विवाह और निवेश की दृष्टि से भी गहनों की मांग में गिरावट आई है। आमतौर पर नवरात्रि से दीपावली तक का समय सर्राफा कारोबार के लिए सबसे व्यस्त माना जाता है, लेकिन इस बार उल्टा माहौल देखने को मिल रहा है। वहीं, अन्य व्यापारियों का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, डॉलर में कमजोरी और वैश्विक तनाव के चलते निवेशक सोने-चांदी में शरण ले रहे हैं। इससे इन धातुओं की कीमतों में तेजी बनी हुई है। कारोबारियों ने की कम ब्याज दर पर ऋण की मांग सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों और व्यापारिक लागत में इजाफे के चलते देशभर के सर्राफा कारोबारियों ने सरकार और बैंकों से कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा समय में बैंकों से ऋण नहीं मिलने के कारण आर्थिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्राफा व्यापारियों ने सरकार से अपील कि है की सर्राफा व्यापार को भी एमएसएमई की तर्ज पर ही रियायती कर्ज सुविधा दी जाए, ताकि कारोबारियों को पूंजी की आसान उपलब्धता हो सके। व्यापारियों को आर्थिक रूप से होती है परेशानी- ग्राहकों की आवाजाही नहीं होने के कारण सर्राफा व्यापारियों को आर्थिक रूप से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों के अनुसार सोने और चांदी की खरीदारी पर ईएमआई की सुविधा नहीं होती है। वर्ष 2013 में भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को सोने की रिटेल खरीदारी को नियंत्रित करने को क्रेडिट कार्ड से की गई सोने की खरीदारी को ईएमआई में बदलने की सुविधा को बंद करने का निर्देश दिया था। महंगाई के कारण 9 कैरेट सोने आभूषणों पर ग्राहकों की नजर, बढ़ी मांग- सोने की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच अब ग्राहकों का रुझान पारंपरिक 22 कैरेट या 18 कैरेट गहनों की बजाय 9 कैरेट सोने के आभूषणों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सर्राफा बाजार में यह नया ट्रेंड सामने आ रहा है, जिससे न केवल जेब पर बोझ कम हो रहा है, बल्कि ग्राहकों को डिजाइन और स्टाइल में भी कई विकल्प मिल रहे हैं। सोने-चांदी पर जीएसटी कम करने की मांग कर रहे सर्राफा व्यापारी पिछले कुछ महीनों में सोने-चांदी की कीमतों में आई भारी तेजी के बीच सर्राफा व्यापारियों ने कीमती धातुओं पर लगने वाली जीएसटी को कम करने की अपील सरकार से की है। व्यापारियों का कहना है कि सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ तीन प्रतिशत जीएसटी ग्राहकों और कारोबारियों दोनों के लिए बोझ बन गया है। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी और लगातार बढ़ रही कीमत के कारण आम ग्राहक अब गहनों की खरीदारी से परहेज कर रहे हैं, जिससे व्यापार को नुकसान हो रहा है। जिला सर्राफा एसोसिएशन ने केंद्र सरकार और जीएसटी काउंसिल से जीएसटी दर को तीन प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जीएसटी दर में कटौती करती है, तो इससे पारदर्शी व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं का विश्वास भी बना रहेगा। सोने-चांदी की खरीद पर मिले बैंकों से फाइनेंस की सुविधा धातुओं की कीमतों में लगातार हो रही तेजी के बीच अब सर्राफा व्यापारियों ने सरकार और बैंकिंग संस्थाओं से एक नई मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि सोने-चांदी जैसे आभूषणों की खरीद पर भी बैंकों द्वारा फाइनेंस यानी आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि आम आदमी भी इन धातुओं की खरीद में सक्षम हो सके। सोने चांदी की लगातार बढ़ रही कीमत के कारण मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए आभूषण खरीदना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है। फाइनेंस कंपनियों द्वारा ईएमआई और कर्ज की सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी तर्ज पर सर्राफा व्यापारी चाहते हैं कि गोल्ड-ज्वेलरी खरीद को भी औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाए, ताकि ग्राहक मासिक किश्तों में भुगतान कर सकें और कर्ज के जरिए गहनों की खरीद कर सकें। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि भारत में सोने-चांदी का न केवल सांस्कृतिक महत्व है, बल्कि यह आर्थिक रूप से भी एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लोग अपने जीवन की बचत को आभूषणों के रूप में सुरक्षित रखते हैं। शिकायतें 1. सोने चांदी किमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण सर्राफा कारोबार प्रभावित हो रहा है, जिस कारण कारोबारियों को आर्थिक रूप से नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। 2. सर्राफा कारोबार में साई बंदी प्रथा हो चुकी है, भाव में उतार चढ़ाव के कारण ग्राहकों के साथ ही कारोबारियों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 3. सर्राफा बाजार में ग्राहकों की कमी होने के कारण आभूषण नहीं बन रहे है, जिस कारण स्वर्णकारों के पास काम नहीं होने से वे भूखमरी की कगार पर आ गए है। सुझाव 1. शेयर मार्केट से सोने और चांदी को बाहर किया जाना चाहिए, जिससे कीमत कम होने पर ग्राहकों के साथ ही सर्राफा कारोबारियों को भी राहत की सांस मिलेगी। 2. सरकार द्वारा सर्राफा व्यापारियों व स्वर्णकारों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलानी चाहिए, जिससे उन्हें मंदी की मार से राहत मिल सके और नुकसान से बचा जा सके। 3. बैंको द्वारा सोने चांदी की खरीद पर फाईनेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे ग्राहक आसान किश्तों में सोने और चांदी की खरीद कर सके। हमारी भी सुनो सोने चांदी पर लगातार बढ़ रही कीमत के कारण कारोबार में 60 से 70% तक की गिरावट आई है। इतनी तेजी पहले कभी नहीं देखी गई। बल्कि व्यापारियों के लिए स्टॉक करना भी महंगा पड़ रहा है। -जयप्रकाश वर्मा, ज्वेलर्स सोने चांदी कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के कारण सर्राफा कारोबार प्रभावित हो रहा है, कारोबारियों को आर्थिक रूप से नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। -सचिन कुमार, ज्वेलर्स सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ तीन प्रतिशत जीएसटी ग्राहकों और कारोबारियों दोनों के लिए बोझ बन गया है। सोने-चांदी पर जीएसटी कम हो तो ग्राहकों के साथ ही व्यापारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। -डॉ. कमल किशोर भारद्वाज, ज्वेलर्स सर्राफा बाजार में ग्राहकों की कमी होने से सोने-चांदी की ज्वैलरी में लगी लागत के कारण सर्राफा कारोबारियों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। -अनिल वर्मा, ज्वेलर्स सोने-चांदी पर जीएसटी और लगातार बढ़ रही कीमत के कारण आम ग्राहक अब गहनों की खरीदारी से परहेज कर रहे हैं, जिससे व्यापार को काफी नुकसान हो रहा है। -प्रताप वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष स्वर्णकार समाज नवरात्रि व धनतेरस पर गहने खरीदने के लोग योजना बनाते हैं लेकिन जिस तेजी से दाम बढ़े हैं, उससे लोगों का बजट बिगड़ गया है। बढ़ते दामों पर नियंत्रण लगना चाहिए। -विकास वर्मा, ज्वेलर्स सोना-चांदी के दामों में सर्राफा कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। ग्राहकों ने बाजार से दूरी बना ली है, जिससे व्यापारी परेशान हैं और दुकानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। -पीयूष वर्मा, ज्वेलर्स सरकार द्वारा सर्राफा व्यापारियों व स्वर्णकारों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलानी चाहिए, जिससे उन्हें मंदी की मार से राहत मिल सके और नुकसान से बचा जा सके। -पंकज राठौर, ज्वेलर्स गोल्ड-ज्वेलरी खरीद को भी औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाए, ताकि ग्राहक मासिक किश्तों में भुगतान कर सकें और सरलता से गहनों की खरीद कर सकें। इसके बाद बाजार में रोनक बढ़ने की उम्मीद है। -अंकुर वर्मा, ज्वेलर्स सोने-चांदी जैसे आभूषणों की खरीद पर भी बैंकों द्वारा फाइनेंस यानी आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि आम आदमी भी इन धातुओं की खरीद में सक्षम हो सके। -राहुल वर्मा, ज्वेलर्स कोट--- सर्राफा कारोबारियों की समस्याओं को केन्द्र में रखा जाएगा। हर संभव प्रयास किया जाएगा कि सर्राफा कारोबारियों की सभी समस्याओं का समाधान हो सके। -डॉ. भोला सिंह, सांसद, बुलंदशहर

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