सभी ग्रंथों का सार श्रीमद्भागवत पुराण में समाहित : प्राप्ति
Bulandsehar News - कस्बे के शिवालय देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन मनाया गया। कथा वाचक प्रीति प्राप्ति देवी ने कथा का महात्म्य बताया और सुकदेव जी द्वारा राजा परिक्षित की कथा सुनाई। राजा परिक्षित को तक्षक सर्प के डसने से मृत्यु का श्राप मिला था। कथा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु उपस्थित रहीं।

कस्बे के शिवालय देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक प्रीति प्राप्ति देवी ने श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य समझाते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत पुराण समस्त ग्रन्थों का सार है। जिसमें सभी ग्रंथों का सार समाहित है। सुकदेव जी ने महाराज परिक्षित को मोक्ष प्राप्त करने के सत्यवादी महाराज हरिश्चंद्र, दधिचि,राजा शिवि समेत अन्य पौराणिक कथाओं का बखान किया। बताया कि राजा परिक्षित को तक्षक सर्प के डसने से मृत्यु का श्राप मिला हुआ था। मृत्यु के भय से राजा विचलित था। जिसके उपाय राजा खोजने लगा। बड़ी तादाद में महिला श्रोता मौजूद रहीं। कथा स्थल पर रोजाना महिला श्रद्धालु स्थापित कलश के आगे दीप प्रज्ज्वलित कर परिक्रमा कर रही है।
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