
परम संत सोहम ताऊ के शिष्य संत कमलानंद ब्रह्मलीन
Bulandsehar News - परम संत सोहम ताऊ के शिष्य संत कमलानंद जी महाराज का 75 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन होना श्रद्धालुओं के लिए एक गहरा सदमा है। अंतिम दर्शन यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और उन्हें आश्रम में समाधि दी। उनके ब्रह्मलीन होने के बाद शोक का माहौल छा गया है।
परम संत सोहम ताऊ के शिष्य संत कमलानंद जी महाराज का शरीर ब्रह्मलीन हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने नगर में अंतिम दर्शन यात्रा निकालकर आश्रम में समाधि दी। पौष माह की पूर्णिमा पर शनिवार को सुबह सोहम ताऊ आश्रम के संस्थापक संत कमलानंद जी महाराज का शरीर लगभग 75 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हो गया। 10 जनवरी 1995 को उनके गुरु परम संत सोहम ताऊ महाराज ब्रह्मलीन हो गए थे। संत सोहम ताऊ के ब्रह्मलीन होने के बाद श्रद्धालुओं ने तत्काल आश्रम बनाने के लिए भूमि खरीद कर भव्य आश्रम बनवाया। जिसका संपूर्ण दायित्व सोहम ताऊ महाराज के शिष्य कमलानंद महाराज ने पूर्ण किया था।
लगभग 30 वर्ष से प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा पर विशाल कार्यक्रम के साथ सोहन ताऊ के नाम पर कार्यक्रम आयोजित कराया। आश्रम की सभी व्यवस्थाओं का संचालन करने के साथ हजारों श्रद्धालुओं की समस्याओं का निस्तारण करते रहे। कमलानंद जी ने अपनी पूजा पाठ गुरु वंदना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं के मन में आस्था का स्थान अर्जित किया। उनके ब्रह्मलीन होने की सूचना से हजारों श्रद्धालुओं के मन में शोक छा गया। उनकी अंतिम दर्शन यात्रा को नगर के प्रमुख मार्ग से घुमाने के बाद आश्रम में श्रद्धापूर्वक नम आंखों के बीच श्रद्धालुओं ने समाधि दी। इस मौके पर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के अनेक स्थान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

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