
प्रसूता की मौत को लेकर डीएम-एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन
Bulandsehar News - बुलंदशहर में प्रसूता की मौत के मामले में चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलामुखी समाज और किसानों ने प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने सही उपचार नहीं दिया, जिसके चलते महिला की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बुलंदशहर। प्रसूता की मौत के मामले में चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलामुखी समाज और किसानों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट और एसएसपी कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जहांगीराबाद क्षेत्र के बुढ़ै पेठ स्थित एक निजी अस्पताल में तीन दिन पहले लोहरा निवासी सरिता पत्नी हेमराज सिंह को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई और उसके बाद सरिता की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने लापरवाही बरतते हुए सरिता को बिना समुचित उपचार दिए आनन-फानन में हायर सेंटर रेफर कर दिया।
पहले उन्हें बुलंदशहर भेजा गया, जहां से चिकित्सकों ने आगे रेफर कर दिया। 18 दिसंबर की रात महिला दादरी के एक अस्पताल में भर्ती रही। हालांकि, हालत गंभीर होने के कारण उन्हें दिल्ली के एक हायर सेंटर में भेजा गया। 19 दिसंबर को दिल्ली में उपचार के दौरान सरिता की मौत हो गई। सरिता की मौत की खबर मिलते ही दादरी के किठर गुरु गुड़ी के नेतृत्व में किठरों और ग्रामीणों ने जहांगीराबाद स्थित अस्पताल में पहले भी हंगामा किया था। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल को सील करने और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया था। मंगलवार को हुए प्रदर्शन में मंगलामुखी समाज और किसानों ने कहा कि प्रसूता और नवजात की मौत सीधे तौर पर चिकित्सकीय लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

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