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स्वामी यति नरसिंहानंद का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस

स्याना हिंसा की न्यायिक जांच को लेकर अनशनरत स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती का पुलिस-प्रशासन ने आपराधिक इतिहास खंगालना शुरू कर दिया...

 स्वामी यति नरसिंहानंद का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,बुलंदशहरMon, 17 Dec 2018 11:14 PM

स्याना हिंसा की न्यायिक जांच को लेकर अनशनरत स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती का पुलिस-प्रशासन ने आपराधिक इतिहास खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस को प्रारंभिक तौर पर तीन आपराधिक वाद दर्ज होने का पता चला है। इसमें न्यायिक की कार्यवाही को बाधित करने से लेकर खुदकुशी के लिए बाध्य करने तक का मामला शामिल है।गौरतलब है कि अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती द्वारा स्याना हिंसा की न्यायिक जांच को लेकर रविवार से राजेबाबू पार्क के समक्ष अनशन शुरू किया गया है। अनशन को लेकर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। इससे परेशान होकर पुलिस-प्रशासन ने स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती का आपराधिक इतिहास खंगालना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक तौर पर स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती पर गाजियाबाद में तीन आपराधिक वाद दर्ज होने का पता चला है। इसमें गाजियाबाद में पहला मुकदमा वर्ष 2005 में गाजियाबाद के थाना कविनगर में दर्ज हुआ। इसमें हज हाऊस के निर्माण के विरोध में हंगामा कर न्यायालय की कार्यवाही को बाधित कर साम्प्रदायिकता भड़काने का है। दूसरा मुकदमा वर्ष 2010 में गाजियाबाद के थाना मंसूरी में आत्महत्या के लिए प्रेरित करना है। इस मुकदमे के अनुसार स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती समेत दो आरोपियों के उकसाने पर युवक सोनू राणा द्वारा जहरीला पदार्थ खा लिया गया। तीसरा मुकदमा वर्ष 2014 में थाना निवाड़ी का है। इस मुकदमे में स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती समेत 11 आरोपियों पर हंगामा, जानलेवा हमला, लूट, डकैती आदि का आरोप लगाया गया। एलआईयू ने डीएम और एसएसपी को इसकी रिपोर्ट सौंप दी है।

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