DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पुलिस की लापरवाही से हुई जितेन्द्र की हत्या

पुलिस की लापरवाही से हुई जितेन्द्र की हत्या

1 / 2अगौता थाना क्षेत्र के गांव बीहरा निवासी जितेन्द्र शर्मा की हत्या के मामले में अगौता पुलिस की लापरवाही खुलकर सामने आई...

पुलिस की लापरवाही से हुई जितेन्द्र की हत्या

2 / 2अगौता थाना क्षेत्र के गांव बीहरा निवासी जितेन्द्र शर्मा की हत्या के मामले में अगौता पुलिस की लापरवाही खुलकर सामने आई...

PreviousNext

अगौता थाना क्षेत्र के गांव बीहरा निवासी जितेन्द्र शर्मा की हत्या के मामले में अगौता पुलिस की लापरवाही खुलकर सामने आई है। एससी एचटी एक्ट मामले में मुख्य गवाह होने के बावजूद पुलिस ने कोई सुरक्षा नहीं दी और न ही आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई की। परिणाम ये रहा कि आरोपी राशन डीलर पति ने अपने भाई के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। बता दें कि गांव बीहरा निवासी जितेन्द्र शर्मा की सोमवार रात खेतों पर पानी लगाने जाते समय बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या करके लाइसेंसी पिस्टल को लूट लिया था। देर रात मृतक के चाचा कैलाश की तहरीर पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों के अनुसार करीब एक माह पहले गांव के ही नरेन्द्र और छत्तर सिंह जाटव ने राशन डीलर की डीएम से शिकायत की थी। शिकायत से बौखलाकर डीलर पति ने मकान में बंधक बनाकर दोनोंे की बेरहमी से पिटाई की थी। इसके बाद आरोपी ने पीड़ितों के घर पहुंचकर महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की थी। जिसमें जितेन्द्र शर्मा और मुन्ना मुख्य रूप से गवाह थे। डीलर पति इतना दबंग था कि वह गांव में राशन नहीं बांटता था। जिसकी लगातार शिकायतें हो रही थी। पुलिस ने एससीएचटी मामले में मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार करना उचित नहीं समझा था। ऐसे में पुलिस ने मामले में लीपा पोती के अलावा और कुछ नहीं किया। जबकि इस मामले की खुद सीओ सिकन्द्राबाद तप्तीश कर रहे थे। धमकी मिलने के बाद कई बार जितेन्द्र ने पुलिस से अपनी जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी। सूत्रों के अनुसार अगौता थाने के भीतर ही आरोपी डीलर के पति अशोक ने जितेन्द्र की पिटाई की थी। शायद पुलिस उस समय अशोक के हाथों की कठपुतली थी। जो उसे अपनी आंखों के सामने पिटता हुआ देखती रही। बहरहाल घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में अगौता पुलिस के प्रति आक्रोश का माहौल है। मृतक के चाचा कैलाश की तहरीर के आधार पर तीन पिता पुत्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तनाव को देखते हुए पुलिसबल तैनात है। -नरेश कुमार शर्मा इंस्पेक्टर अगौतापुलिस की मौजूदगी में हुआ मृतक का अंतिम संस्कारबीहरा में तनाव को देखते हुए मृतक जितेन्द्र का अंतिम संस्कार देर शाम फौजी भाई के आने पर ही भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार हो सका। जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। तनाव देख पुलिस तैनातगांव बीहरा निवासी जितेन्द्र की हत्या के बाद गांव में फैले तनाव को देखते हुए भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। देर रात एसपी सिटी डाक्टर प्रवीण रंजन सिंह ने घटना स्थल का दौरा किया और पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये। सीओ सिकन्द्रबाद विक्रम सिंह थाने से ही मामले की इतश्री कर वापस लौट गये। जिसके बाद से ग्रामीणों में सीओ के प्रति रोष व्याप्त है। ... तो मारा जाता जिला पंचायत सदस्यऔरंगाबाद : अगौता थाना क्षेत्र के गांव बीहरा में जितेन्द्र शर्मा की हत्या के बाद यदि वार्ड नंबर दस के जिला पंचायत सदस्य वहां से नहीं भागते तो शायद वे भी बदमाशों की गोली का शिकार हो जाते। बता दें कि गांव बीहरा निवासी जगत सिंह वार्ड नंबर दस से जिला पंचायत सदस्य होने के साथ-साथ गांव के प्रधानपति भी है। देर रात्रि खेतों पर जाते समय जितेन्द्र और प्रभात को जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह ने रोक लिया और पोखर के किनारे बातचीत करने लगे। इस दौरान बाइक पर आये अशोक और शिवकुमार ने जितेन्द्र पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। ताबड़तोड़ गोलियां बरसते ही जगत सिंह और प्रभात दोनों भाग खड़े हुए। बदमाशों ने जिला पंचायत सदस्य को ललकारा तो उन्होंने एक घर में घुसकर अपनी जान बचाई।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Jitendra s murder by negligence of police