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बुलंदशहर

जिलेभर के स्कूलों में मनाया हिंदी दिवस

हिन्दुस्तान टीम,बुलंदशहरPublished By: Newswrap
Wed, 15 Sep 2021 04:10 AM
जिलेभर के स्कूलों में मनाया हिंदी दिवस

जिलेभर की शिक्षण संस्थानों में मंगलवार को हिंदी दिवस मनाया गया। स्कूलों में कहीं गोष्ठी तो कहीं कविताओं के माध्यम से हिंदी भाषा को अपनाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी भारत मां के माथे की बिंदी है, इसका सम्मान करना सभी का नैतिक कर्तव्य है। हिंदी भाषा पर हमें नाज है, हिंदी हमारी शान है। हिंदी से ही हिंदुस्तान है।

नगर के मुस्लिम गल्र्स डिग्री कालेज में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सीसीएसयू के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डा. विकास शर्मा ने कहा कि अपने भावों को व्यक्त करने के लिए हमें अपनी मातृभाषा की ही जरूरत होती है। भले ही मैं अंग्रेजी का प्रोफेसर हूं, लेकिन अपने विचारों को हिंदी में ही व्यक्त करता हूं। मुख्य अतिथि आरडीपीडी कालेज जहांगीराबाद की प्राचार्य डा. संगीता मित्तल ने कहा कि हिंदी कितनी श्रेष्ठ है, इसका पता महाकवियों की रचनाओं से चलता है। प्राचार्य डा. मणि शर्मा, उपप्राचार्य डा. रश्मि फौजदार, शिखा कौशिक, डा. मधु मिश्रा, डा. हर्ष शर्मा, मंजू भाटी, शाजिया खान, सलेहा खान, डा. अंजाना आदि मौजूद रहे।

एसबीएमटी में वीर रस के कवि अर्जुन सिसौदिया ने हिंदी की महत्वता पर प्रकाश डाला। अक्षय कुमार अक्षय ने भी अपनी कविताओं के माध्यम से मंत्रमुग्ध किया। इस मौके पर अध्यक्ष प्रशांत गर्ग, निदेशक डा. सौरभ कुमार शर्मा, गायत्री, नीलम, दिनेश कुमार, दीपिका शर्मा आदि रहे। वहीं सैक्रेड हटर््स स्कूल में हिंदी दिवस पर प्रतियोगिता आयोजित कराई गई। इसमें कक्षा एक से पांच तक कविता वाचन, कक्षा छह से 11वीं तक हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यालय अध्यक्ष राधा सिंह, वेदिका सिंह प्रतिभागी छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रधानाचार्या पवनदीप कौर ने विचार रखे।

मार्डन पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों ने भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। प्रधानाचार्य मोहन चंद ने कहा कि देश की प्रगति के लिए राष्ट्र भाषा का प्रयोग बेहतद जरूरी है। इसमें विद्यालय के संस्थापक नंद कुमार ने हिंदी के प्रचार-प्रसार पर बल दिया। निदेशक सौरभ पचौरी ने विदेशी भाषाओं के साथ हिंदीभाषा को भी महत्व देने की बात कही।

डायट प्राचार्य महेंद्र सिंह राणा ने हिंदी भाषा को समृद्ध करने पर जोर दिया। अन्य प्रवक्ताओं सहित डीएलएड प्रशिक्षुओं ने कविताओं के माध्यम से हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की बात कही।

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