Bulandsehar News: अधोमानक मिले कीटनाशक दवाओं के नमूने, जिले में बिक्री पर रोक
Bulandsehar News: -जिला शाहजहांपुर की कंपनी के नमूनों की जांच में खुली पोल, कृषि विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश-जिला शाहजहांपुर की कंपनी के नमूनों की जांच में खुली पोल,

Bulandsehar News: बुलंदशहर। कीटनाशक दवाओं के नमूने अधोमानक पाए जाने पर शासन ने शाहजहांपुर जिले की एक कीटनाशक कंपनी के तीन दवाओं के नमूनों पर रोक लगा दी है, उक्त कंपनी की दवा के नमूने प्रयोगशाला में फेल पाए गए हैं। जिले में भी यह दवाएं नहीं बिकेंगी शासन के निर्देश पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने तत्काल सभी दुकान दारों को निर्देश जारी कर दवा न बेचने के लिए कहा है। यदि किसी दुकानदार के पास यह दवा मिलती है तो उसके खिलाफ कार्यवाही होगी। पीपीओ अर्चना प्रकाश वर्मा ने बताया कि प्रदेश कृषि रक्षा द्वारा बताया गया कि जनपद शाहजहांपुर के ग्राम सजना मुकलापुर (जामौर) स्थित मैसर्स श्रीराम क्रॉप साइंसेज के परिसर से कीटनाशक रसायनों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए थे। प्रयोगशाला में हुए गहन विश्लेषण के उपरांत इन नमूनों के परिणाम अधोमानक घोषित किए गए हैं। नमूनों में कीटनाशक के सक्रिय तत्वों की मात्रा तय सरकारी मानकों से काफी कम पाई गई है जिससे फसलों पर इनका असर नहीं होता और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। मामले में उक्त दवाओं पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
यह दवा पाई गई फेल
पीपीओ अर्चना प्रकाश वर्मा ने बताया कि फफूंदनाशक कार्बेंडाजिम मैनकोजेब, दानेदार कीटनाशक फिप्रोनिल व क्लोरोपायरीफॉस साइपरमेथ्रिन के विश्लेषण में रसायनों की मात्रा कम है। ये सभी उत्पाद मई और जून 2026 में निर्मित किए गए थे। उन्होंने बताया कि मानक से कम गुणवत्ता वाली दवाओं की बिक्री करना कीटनाशी अधिनियम 1968 की धारा के अंतर्गत एक अत्यंत गंभीर और दण्डनीय अपराध है। किसी भी लाइसेंसधारी विक्रेता के पास उक्त प्रतिबंधित बैचों के रसायन की बिक्री या भंडारण पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कठोर वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


