ईरान में फंसे अपनों की सलामती के लिए दुआ

Mar 01, 2026 07:22 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बुलंदशहर
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Bulandsehar News - जहांगीराबाद के गांव सांखनी के चार छात्र ईरान में फंसे हुए हैं। ईरान में हालात गंभीर हो गए हैं, खासकर शीर्ष नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद। छात्र मोहम्मद अब्बास, मुस्सबिर हुसैन और अन्य इजरायल के हमले के कारण वहां फंसे हैं। परिजन उनकी सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं और वापसी की गुहार लगा रहे हैं।

ईरान में फंसे अपनों की सलामती के लिए दुआ

जहांगीराबाद के गांव सांखनी निवासी चार छात्र अभी भी ईरान में फंसे हुए हैं। वहां युद्ध से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान फंसे छात्रों के परिजनों को भी चिंता हो रही है। परिजन अपनों के लिए दुआ कर रहे हैं। गांव सांखनी निवासी छात्र मोहम्मद अब्बास नजीर, मोहम्मद अब्बास, मुस्सबिर हुसैन और जुगनू उर्फ अजहर अब्बास ईरान में धार्मिक शिक्षा के लिए गए थे। इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बीच ये चारों छात्र वहीं फंस गए हैं। सभी छात्र फिलहाल ईरान के कुम शहर में हैं। गांव निवासी शब्बर रजा ने बताया कि भाई मोहम्मद अब्बास नजीर से मैसेज पर बात हुई है।

उसने बताया कि यहां हालत बहुत खराब हो रहे हैं। शीर्ष नेता खमेनेई की मौत के बाद पूरे देश में 40 दिन का शोक घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारे रहने के स्थान से करीब 100 किलोमीटर की दूरी तक मिसाइल के हमले और धमाके हो रहे हैं। धमाकों की आवाज के बीच हम सो नहीं पा रहे हैं। हालात सामान्य होने तक यहां से निकलना मुश्किल है। पूरे देश में इमरजेंसी घोषित हो गई है और इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है। हालांकि खाने-पीने की व्यवस्था के पर्याप्त बंदोबस्त हैं। शब्बर रजा ने बताया कि भाइयों की सलामती के लिए पूरे दिन दुआ कर रहे हैं। 10 जून को है मोहम्मद अब्बास की शादी ईरान और इजरायल के बीच हुए युद्ध के कारण गांव सांखनी के छात्र वतन वापसी की राह देख रहे हैं। युद्ध के कारण परिजनों की चिंता बढ़ गई है। अब इन छात्रों के परिजन भारत सरकार से इनकी वतन वापसी की गुहार लगा रहे हैं। जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के गाँव सांखनी निवासी मुजफ्फर हुसैन पेशे से किसान हैं। उन्होंने बताया कि इनका बेटा मोहम्मद अब्बास पढ़ाई करने के लिए 6 साल पहले ईरान गया था। अब पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे इसी महीने वापस भारत लौटना था। टिकट भी हो चुका था। इसी दौरान युद्ध शुरू हो गया। जिसके चलते उनका बेटा ईरान में फंस गया। मोहम्मद अब्बास की मां अफसर जहां ने बताया कि पिछले 5 दिन से उनके बेटे से कोई बात नहीं हुई है। 10 जून को उसकी शादी होनी थी। घर में शादी की तैयारी चल रही है, लेकिन इसी बीच यह युद्ध छिड़ गया। हमारी भारत सरकार से गुजारिश है कि उसके बेटे की वतन वापसी जल्द कराई जाए। इसके अलावा इसी गांव की रहने वाली रजब फातिमा का 27 वर्षीय बेटा अजहर अब्बास भी 3 साल से ईरान में रहकर पढ़ाई कर रहा है। परिजन उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं।

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