बोले बुलंदशहर: फुटपाथ पर बाजार, शहर की सड़कें हुई लाचार

Feb 15, 2026 06:55 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बुलंदशहर
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Bulandsehar News - -शहर की सड़कों पर सजा रखी हैं दुकानें, जिससे दिनभर लगा रहता है जाम, यातायात होता है प्रभावित-शहर की सड़कों पर सजा रखी हैं दुकानें, जिससे दिनभर लगा रहत

बोले बुलंदशहर: फुटपाथ पर बाजार, शहर की सड़कें हुई लाचार

शहर की सड़कें केवल वाहनों के लिए नहीं होतीं, बल्कि उन पैरों के लिए भी होती हैं, जो रोजगार, इलाज, पढ़ाई और जिंदगी की जरूरतों के लिए निकलते हैं। लेकिन जब पैदल चलने के लिए बनी जगह ही बाजार बन जाए, तो आम आदमी की मजबूरी सड़क पर उतरने की बन जाती है। शहर के कालाआम चौराह से लेकर भूड चौराहे तक यही तस्वीर सामने है, जहां फुटपाथों पर दुकानें सजी हैं, पार्किंग बनी है और पैदल यात्री खुद को सबसे असुरक्षित महसूस कर रहा है। लोगों ने कई बार जिला-प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नही हो पाई है।

शहर में कई इलाकों में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत आधारभूत सुविधाओं के विकास का दावा किया गया। इसी कड़ी में पूर्व में नगर पालिका द्वारा यहां दोनों ओर फुटपाथ बनाए गए थे, ताकि बाजार क्षेत्र में पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। लेकिन हकीकत यह है कि ये फुटपाथ अब अपने उद्देश्य से पूरी तरह भटक चुके हैं। कहीं इन पर चाट-पकौड़ी और ठेलों की कतार है, कहीं दुकानदारों ने इन्हें अपनी दुकान का विस्तार बना लिया है, तो कहीं लोहे की जंजीर डालकर निजी पार्किंग में तब्दील कर दिया गया है। नतीजा यह है कि पैदल यात्री फुटपाथ छोड़कर सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जिम्मेदार अधिकारी यहां होकर हर दिन गुजरते हैं लेकिन फिर भी किसी अधिकारी का इस ओर कोई ध्यान नही है। हिन्दुस्तान की टीम ने रविवार को कालाआम चौराहे पर लोगों से संवाद किया। इस दौरान लोगों ने बताया कि शहर की सड़कों की चौड़ाई सीमित है और दोनों ओर अतिक्रमण के कारण वाहनों की आवाजाही लगातार बाधित होती रहती है। बाजार समय में यहां जाम की स्थिति आम हो गई है। लोग ने कहा कि जिस उद्देश्य से फुटपाथ बनाए गए थे, वह उद्देश्य अब पूरा नहीं हो रहा है, बल्कि ये फुटपाथ खुद समस्या का कारण बन चुके हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बताया कि जब डीएम रोड व्यापक विकास कार्य किया जा रहा है, तो कालाआम चौराहा से भूड चौराहे तक फुटपाथ हटाकर सड़क चौड़ीकरण किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि अगर फुटपाथ अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराए जा सकते, तो बेहतर होगा कि इन्हें हटाकर सड़क को चौड़ा किया जाए। जिससे वाहनों और पैदल यात्रियों दोनों को राहत मिल सके। लोगों ने कहा कि फुटपाथ की आड़ में बड़े रेस्टोरेंट, शोरूम और दुकानदारों ने स्थायी कब्जा जमा लिया है। जबकि आम आदमी के लिए चलने की जगह ही नहीं बची। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि या तो फुटपाथ को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और पैदल यात्रियों को उनका अधिकार दिलाया जाए, या फिर सेंटर प्वाइंट से स्टेशन रोड तक सड़क चौड़ीकरण कर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों ने उम्मीद जताई है कि विकास के नाम पर केवल निर्माण नहीं, वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाएंगे। जिससे बाजार क्षेत्र में जाम, अव्यवस्था और असुरक्षा से लोगों को राहत मिल सके। अतिक्रमण बना लोगों की राह में बाधा- शहर में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का दावा किया गया था, लेकिन शहर की कई मुख्य मार्गों की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां बने फुटपाथ और सार्वजनिक स्थान अतिक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जिससे आम आदमी को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा समय-समय पर अभियान चलाने के बावजूद अतिक्रमण स्थायी रूप से नहीं हट रहा है। इससे न केवल पैदल यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। लोगों का मानना है कि जब तक अतिक्रमण पर सख्त और निरंतर कार्रवाई नहीं होगी। लोगों की मांग, शहर की सड़कों का हो चौड़ीकरण- शहर के लोगों ने अब सड़क चौड़ीकरण की मांग तेज कर दी है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि शहर के बाजारों में दिनभर हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद सड़क संकरी होने के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का कहना है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत यहां फुटपाथ बनाए गए थे, लेकिन वर्तमान में वे अतिक्रमण की चपेट में हैं। ठेले, दुकानें और निजी पार्किंग ने फुटपाथों को पूरी तरह घेर लिया है, जिससे उनका मूल उद्देश्य समाप्त हो गया है। ऐसे में लोगों की राय है कि फुटपाथ को हटाकर सड़क को चौड़ा किया जाए, ताकि यातायात सुचारु हो सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि सडकों का चौड़ीकरण किया जाता है तो बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। साथ ही एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपात सेवाओं को भी निर्बाध रास्ता मिल सकेगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे कराकर इस पूरे हिस्से के चौड़ीकरण की योजना बनाई जाए और विकास कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया। दिनभर बनी रहती है जाम की समस्या- शहर में रविवार को भी दिनभर जाम की समस्या बनी रही। ऐसे में सडकों होकर गुजर रहे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डीएम रोड पर सबसे ज्यादा समस्या बनी रही। इसका असर शहर की कई सडकों पर देखने को मिला। एंबुलेंस चालक अमित कुमार ने बताया कि सडकों पर जाम के कारण एंबुलेंस जाम में फंस जाती हैं। इससे से हमे समय पर पहुंचने में काफी देरी हो जाती है। रविवार को भी शहर के मुख्य मार्गों पर दिनभर जाम लगा रहा। यहां के लोगों ने बताया कि जाम के चलते शहर में वाहनों के दबाव ज्यादा रहा। शहर में चल रहे ई रिक्शा का रास्ते में कहीं भी खड़े हो जाने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, जिस कारण जाम लग जाता है। पार्किंग का न होना भी जाम का कारण- शहर में पार्किंग का न होना भी जाम का कारण बनता है। घंटों लोग जाम में फंसे रहते हैं। सडकों से गुजरने वाले राहगीर भी काफी परेशान हैं। शहर के लोग लंबे समय से बाजारों में वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किग की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद अब तक वाहनों को खड़ा करने के लिए कोई भी स्थान पार्किंग के लिए नही चयनित किया गया है। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से लोग अपने वाहनों को कहीं पर भी खड़ा करके अपने बाजार से जुड़े कार्यो को निपटाते हैं। वाहनों को सड़क पर खड़ा कर देने से शहर के मुख्य बाजार में जाम लगता रहता है। शहर के लोग काफी लंबे समय से वाहनों को खड़ा करने के लिए नगर पालिका से जगह की मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके अब तक वाहनों को खड़ा करने के लिए कहीं पर भी व्यवस्था नहीं हो सकी है। शहर में दिनों दिन वाहनों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन पार्किंग की व्यवस्था पर जिम्मेदार अधिकारियों का भी इस ओर कोई ध्यान नही है। शहर में अवैध पार्किंग जगह-जगह स्थानों पर चलाई जा रही है। इन स्थानों पर एक खाली जगह पर दो पहिया वाहनों को निजी व्यक्तियों के द्वारा खड़ा कराया जाता है। यह पार्किंग अवैध भले ही हैं लेकिन यहां पर दो पहिया वाहनों को खड़ा करने का स्थान है। वैसे नगर पालिका शहर में वाहनों की पार्किंग को लेकर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसको अमली जामा पहनाने में अभी वक्त लगेगा। व्यापारियों की दुकान के सामने लोगों के द्वारा अपने वाहनों को खड़ा किए जाने पर कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। इसके साथ ही अतिक्रमण के चलते भी चौड़ी सड़कें भी संकरी हो गईं है। सड़क पर रेहड़ी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने के चलते पूरी सड़क इनके अतिक्रमण का शिकार हो गई है। अस्पतालों के पास भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं- शहर में स्थित अस्प्तालों के पास भी पार्किंग की कोई व्यवस्था नही है। यहां भी पार्किंग न होने से दिनभर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिलती हैं। कई वार लंबा जाम लगने की वजह से हादसे भी हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका व जिला-प्रशासन के अधिकारियों से यहां पर पार्किंग की व्यवस्था की मांग भी की है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी ओर कोई ध्यान ही नही दिया। मुख्य स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था जल्द हो- शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जबकि उसके अनुपात में जगह कम होती जा रही है। शहर की सड़कों पर बढ़ते ई-रिक्शों की संख्या के चलते भी जाम की परेशानी लोगों को उठानी पड़ रही है। सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहन भी लोगों की परेशानी को बढ़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर पार्किंग की उचित व्यवस्था हो जाए तो लोगों को सड़क पर लगने वाले जाम से छुटकारा मिल सकता है। शहर के बाजारों के साथ-साथ मुख्य स्थान जैसे कचहरी रोड, एसएसपी कार्यालय, डीएम कार्यालय, पुलिस लाईन पर भी पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। जिससे लोगों को जाम से राहत मिल सके। शिकायतें- 1. पैदल यात्रियों को मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ रहा है। 2. बाजार क्षेत्र में सड़क बहुत संकरी हो गई है। 3. फुटपाथ पर ठेले और दुकानें सजी रहती हैं। 4. कई जगह फुटपाथ को निजी पार्किंग बना दिया गया है। 5. जाम की समस्या रोजाना बनी रहती है। ●सुझाव- 1. बाजारों से फुटपाथ से कब्जा हटाकर मुक्त किया जाए। 2. बाजार क्षेत्र से अतिक्रमण पूरी तरह हटाया जाए। 3. ठेलों के लिए अलग स्थान चिन्हित किया जाए। 4. अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई हो। 5. नियमित निगरानी के लिए विशेष टीम बनाई जाए। हमारी भी सुनो- कालाआम चौराहे से भूड चौराहे तक पैदल चलना अब जोखिम भरा हो गया है, क्योंकि फुटपाथ पर कब्जा है। प्रशासन या तो फुटपाथ खाली कराए या फिर इन्हें हटाकर सड़क चौड़ी करे, जिससे लोगों को राहत मिल सकें। -उमाशंकर फुटपाथ का मतलब होता है पैदल यात्रियों की सुरक्षा, लेकिन यहां तो फुटपाथ ही गायब हो चुका है। ठेले, दुकानें और पार्किंग ने जगह घेर ली है। अगर इन्हें हटाया नहीं जा सकता तो सड़क को ही चौड़ा कर दिया जाए। -मोहित सिंह रोज जाम में फंसना आम बात हो गई है। सडक संकरी है और दोनों ओर कब्जा है। अगर फुटपाथ हटाकर सड़क चौड़ी कर दी जाए तो ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो सकती है। -रजत चौधरी प्रशासन को सिर्फ निर्माण नहीं, बल्कि रखरखाव और निगरानी भी करनी चाहिए। फुटपाथ पर कब्जा क्यों हो रहा है, यह भी देखा जाए। अभी के हालात में सड़क बौड़ी करना जरूरी है। -श्याम फुटपाथ पर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई न होने से उनके हौसले बढ़ते जा रहे हैं। जब तक सख्ती नहीं होगी, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। -अक्षय शहर की सडकों पर आम आदमी के लिए चलने की जगह नही है। अगर इसे खत्म कर सड़क चौड़ी कर दी जाए, तो जाम और दुर्घटनाओं से बचाव हो सके। -रविन्द्र सिंह बाजार में बुजुर्ग, महिला और स्कूली बच्चे पैदल चलने को मजबूर हैं। यह बहुत खतरनाक स्थिति है। सड़कों का चौड़ीकरण कर दिया जाए तो काफी हद तक समस्या खत्म हो सकती है। -विपिन फुटपाथ पर बाजार सजा है और लोग सड़क पर चल रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण ही इसका व्यावहारिक समाधान है। -राजपाल प्रजापति कालाआम चौराहे का इलाका हमेशा व्यस्त रहता है। यहां थोड़ी सी भी रुकावट से लंबा जाम लग जाता है। फुटपाथ हटाकर सड़क चौड़ी होगी तो यातायात सुधारु हो सकेगा। -अशोक शहर के प्रमुख इलाकों में ऐसी अव्यवस्था शर्मनाक है। विकास के नाम पर बनी सुविधाएं खुद समस्या बन गई है। सड़कों का चौड़ीकरण जरूरी है। -नागेन्द्र पाल सिंह कोट-- शहर में जाम की समस्याओं को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो। -दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी 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