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खाद्यान्न घोटाला : हजारों कुंतल खाद्यान्न हड़पने की थी योजना

सरकार की ओर से गरीबों को फ्री में खाद्यान्न दिया जा रहा है, जिससे कोई गरीब भूखा न सो सके। जहां एक ओर सरकार गरीबों को मुफ्त राशन दे रही है वहीं सरकार...

खाद्यान्न घोटाला : हजारों कुंतल खाद्यान्न हड़पने की थी योजना
हिन्दुस्तान टीम,बुलंदशहरMon, 27 May 2024 10:40 PM
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सरकार की ओर से गरीबों को फ्री में खाद्यान्न दिया जा रहा है, जिससे कोई गरीब भूखा न सो सके। जहां एक ओर सरकार गरीबों को मुफ्त राशन दे रही है वहीं सरकार से जुड़े लोग ही सरकारी राशन पर गिद्ध नजरें लगाए बैठे हों तो मामला गंभीर हो जाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ही डीएम के आदेश पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है।

सरकारी खाद्यान्न की सरकारी अफसर, ठेकेदार, कर्मचारी और प्राइवेट लोगों ने मिलकर बंदरबांट करने की साजिश रची। हजारों कुंतल खाद्यान्न राशन डीलरों के यहां सप्लाई होने के लिए गोदाम से निकला, लेकिन उस खाद्यान्न की कालाबाजारी कर दी गई। काफी समय तक जब राशन डीलरों को खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हुआ और आम जनता ने खाद्यान्न नहीं मिलने की शिकायतें अफसरों से कीं तो मामला खुला। हजारों कुंतल खाद्यान्न के गायब होने पर पहले तो मामले को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब मामला सार्वजनिक हुआ तो अफसर भी सतर्क हो गए। डीएम ने आनन-फानन में 11 सदस्यीय टीम गठित की ओर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी कर दिए। चूंकि मामला करीब तीन हजार कुंतल खाद्यान्न का था, इसलिए जनपद के सभी 16 ब्लॉकों में जांच कराई गई। जांच में समय लगा, लेकिन जब जांच सामने आई तो भाजयुमो जिलाध्यक्ष के पिता का नाम सामने आया, साथ ही विपणन निरीक्षक की भूमिका पर संदिग्ध दिखाई पड़ी। जांच रिपोर्ट के बाद डीएम ने तत्काल एफआईआर के आदेश जारी किए और सात लोगों के खिलाफ कोतवाली देहात में मामला दर्ज हो गया। इस पूरे घटनाक्रम पर नजर डालें तो खाद्यान्न माफियाओं की योजना हजारों कुंतल सरकारी अनाज को हड़पने की थी या यूं कहें कि अनाज को हड़प ही लिया गया था। मामला संज्ञान में आने पर माफियाओं ने बाजार से अनाज खरीदकर डीलरों के यहां पहुंचाया, कई को अनाज खरीदने के लिए रकम भी दी गई।

हटाए गए सदर ब्लॉक में तैनात सप्लाई इंस्पेक्टर

बुलंदशहर। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी हो और भले ही सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई हो, लेकिन अभी कई अधिकारी जांच के घेरे में हैं जिनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। इसके अलावा सदर ब्लॉक में तैनात सप्लाई इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदिग्ध रही, जिसके चलते डीएम के आदेश पर सप्लाई इंस्पेक्टर विवेक श्रीवास्तव को चार्ज से हटाकर जिला मुख्यालय पर संबद्ध किया गया है।

अभी भी चल रहा है खाद्यान्न का खेल

बुलंदशहर। डीएम के आदेश पर सभी तहसीलों के एसडीएम जांच कमेटी के सदस्य के रूप में शामिल रहे। तमाम जांच रिपोर्ट में केवल बुलंदशहर ब्लॉक में ही खाद्यान्न की कालाबाजारी पकड़ी गई है। सूत्रों की मानें तो जनपद में एक और स्थान पर खाद्यान्न की कालाबाजारी का खेल चल रहा है। यहां भी माफिया को एक रसूखदार का संरक्षण प्राप्त है।

कोट ---

खाद्यान्न वितरण की मॉनिटरिंग करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है। सदर ब्लॉक में तैनात सप्लाई इंस्पेक्टर को हटाकर उसे जिला मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। संबंधित अधिकारियों की विभागीय जांच के लिए शासन को लिखा गया है।

-चन्द्र प्रकाश सिंह, डीएम

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