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परिवार दिवस : घर के बुजुर्गों ने संभाल रखी है परिवार की बागडोर

समाज कोई भी हो, मगर परिवार के बिना उसकी परिकल्पना अधूरी है। परिवार एक दूसरे को जोड़कर रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह हर खुशी व गम में एक साथ होता...

परिवार दिवस : घर के बुजुर्गों ने संभाल रखी है परिवार की बागडोर
हिन्दुस्तान टीम,बुलंदशहरTue, 14 May 2024 10:50 PM
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समाज कोई भी हो, मगर परिवार के बिना उसकी परिकल्पना अधूरी है। परिवार एक दूसरे को जोड़कर रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह हर खुशी व गम में एक साथ होता है ऐसे परिवार समाज में आज काफी है जो अपने बड़े- बुजुर्ग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। आज परिवार दिवस है तो जिले में काफी ऐसे परिवार हैं जो वर्षों से एक छत के नीचे एक साथ रहते हैं। खासकर गांवों में ऐसे परिवार मिलते हैं शहरी क्षेत्रों में परिवार तो बड़ा है मगर मकान काफी छोटे हैं तो परिवार आधे हिस्सों में बंटा हुआ है, गांव में एक छत के नीचे पूरा कुनबा निवास करता है और परिवार में खुशहाली है। परिवार का एक साथ और हंसी खुशी रहना भी इंसान को स्वस्थ रखता है। परिवार दिवस पर प्रस्तुत है जिले के कुछ ऐसे परिवारों की दास्तां जो एक नई मिसाल कायम किए हुए हैं।

ज्ञानवती ने गांव के साथ परिवार की बागडोर भी संभाली

नरसेना, संवाददाता। आज के बदलते दौर में परिवार सीमित हो रहे हैं, कहीं नौकरी की वजह से तो कहीं आपसी मतभेद के कारण घर में ही दीवार लगने से परिवार बिखेर रहे हैं। लेकिन नरसेना में एक परिवार ऐसा भी है जिसने गांव की बागडोर के साथ-साथ परिवार को भी बांध के रखा है। आज भी इस परिवार में मुखिया के द्वारा ही जो निर्देश दिया जाता है उसका सदस्यों के द्वारा ईमानदारी से पालन किया जाता है। नरसेना निवासी 81 वर्षीय ज्ञानवती देवी पत्नी स्वर्गीय शादी सिंह आज भी परिवार के बागडोर संभाल रही है। उनके पति स्वर्गीय शादी सिंह तीन पंचवर्षीय योजना में गांव नरसेना के ग्राम प्रधान रहे और एक पंचवर्षीय योजना में ज्ञानवती ग्राम प्रधान बनी। गांव की बागडोर संभालने के साथ ही ज्ञानवती देवी ने अपने परिवार को भी संभाला और बच्चों को एकता का पाठ पढ़ाया। 25 सदस्यों का उनका संयुक्त परिवार है घर के सभी सदस्य उनके आदेश का पालन कर रहे हैं। परिवार के सभी लोग संपन्न है और एक साथ मिलकर रहते हैं। ज्ञानवती देवी का कहना है कि परिवार की एकजुटता से हर मुश्किल काम को आसान किया जा सकता है। सुख-दुख में परिवार के लोग ही काम आते हैं।

एक छत के नीचे रहता चार पीढ़ियों का परिवार

खुर्जा, संवाददाता। पहासू रोड स्थित मुरारी नगर में एक परिवार की चार पीढ़ियां एक छत के नीचे रहती हैं। घर के मुखिया ने परिवार को एक साथ जोड़ा हुआ है, जिसकी क्षेत्र में खूब सराहना होती है। मोहल्ला मुरारी नगर निवासी रमेश चंद्र सिंह चौहान पावर कारपोरेशन से रिटायर्ड हैं। वह अपनी पत्नी यज्ञवती देवी, दोनों बेटे वीरेंद्र सिंह चौहान व रवेंद्र सिंह चौहान के साथ रहते हैं। बड़े बेटे वीरेंद्र सिंह चौहान के तीन बेटे हैं। जिनमे गौरव चौहान, सौरव और अंशुल हैं। गौरव चौहान की दो संतान हैं। वहीं, सौरव की एक संतान हैं। उधर रमेश चंद्र सिंह चौहान के छोटे बेटे रवेन्द्र चौहान का एक पुत्र है। रमेश चंद्र सिंह चौहान बताते हैं कि घर में कुछ बातों पर विवाद हो जाता है। जिसको वह परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिलकर सुलह कराते हैं। उन्हें परपोते को कहानियां सुनाना काफी अच्छा लगता है। परिवार को एक साथ जोड़े रखने पर क्षेत्र के लोग रमेश चंद्र चौहान की सराहना करते हैं।

सीपी अग्रवाल के लिए विद्यालय है पूरा परिवार

बुलंदशहर, संवाददाता। जहांगीराबाद के शिवकुमार अग्रवाल जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सीपी अग्रवाल का परिवार आज भी एक छत के नीचे रहता है। विद्यालय को भी अपना परिवार मानते हैं। ज्यादातर समय उनका विद्यालय में बीतता है और परिवार को भी वह पूरा समय देते हैं। बेटियों को शिक्षित करने के लिए वह पूरे प्रयासत में है और बेटियों को भी अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। सीपी अग्रवाल बताते हैं कि उनके पिता शंकर लाल गुप्ता 96 वर्ष के हो चुके हैं मगर परिवार में कोई भी कार्य उनकी बिना अनुमति के नहीं होता है। वह परिवार में बड़े सदस्य हैं तो तीनों बेटे सुबह उनका आशीर्वाद लेने के बाद ही दिन की शुरूआत करते हैं। सीपी अग्रवाल कहते हैं कि हम सभी परिवार साथ मिल जुलकर रहेंगे तो परिवार खुशहाल व स्वस्थ रहेगा। परिवार एकता पर वह शोध भी कर रहे हैं।

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