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20 सितम्बर, 2020|9:51|IST

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उपभोक्ता-कर्मचारी विरोधी निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग

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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेशीय आहवान पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में सभा की गई। सरकार द्वारा निजीकरण का फैसला वापस न लेने पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दूबे ने कहा कि सरकार को निजीकरण का फैसला वापस लेना ही होगा, यदि ऐसा नहीं हुआ तो पावर कॉरपोरेशन के तमाम बिजली कर्मचारी, जेई, एक्सईएन, एसई अनिश्चित कालीन आंदोलन करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निजीकरण में हस्तक्षेप करने की अपील भी की। जिससे निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त हो सके। ऊर्जा मंत्री की उपस्थिति में अप्रैल 2018 को हुई बैठक में निजीकरण के फैसले को वापस लेने की सहमति जताई गई थी। यह फैसला लेकर उसका भी उल्लंघन किया गया है। सरकार की गलत नीतियों के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान कॉरपोरेशन को है। ग्रेटर नोएडा और आगरा में निजीकरण का प्रयोग भी पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इन्हीं विफल प्रयोगों को एक बार फिर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम पर क्यों थोपा जा रहा है।

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  • Web Title:Demand to withdraw decision on consumer-employee anti-privatization