सुपरविजन चार्ज सरकारी सामग्री से निजी लाइन खींच रहे ठेकेदार, जांच शुरु
Bulandsehar News - - उपभोक्ता सिर्फ 15 प्रतिशत विभाग में कराते हैं जमा, योजना में खींच देते हैं लाइन- उपभोक्ता सिर्फ 15 प्रतिशत विभाग में कराते हैं जमा, योजना में खींच द

पावर कॉरपोरेशन के राजस्व को ठेकेदार मिलीभगत कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। उपभोक्ता से सिर्फ सुपरविजन चार्ज जमा करा लिया जाता है। आरोप है कि इसके बाद दैवीय आपदा समेत विभिन्न योजनाओं के तहत सरकारी सामग्री से लाइन खींच देते हैं। अब जहांगीराबाद के बाद स्याना में लाइन खींचने का मामला सामने आया है। हालांकि चीफ इंजीनियर के निर्देश पर जांच शुरु कर दी गई है, लेकिन इससे पहले आए मामलों में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ दिन बाद खानापूर्ति कर फाइल बंद कर दी जाती है। गाजियाबाद निवासी ऋषि कुमार ने मुख्यमंत्री समेत पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन को शिकायती भेजकर बताया कि स्याना डिवीजन में एक होटल व एक कोल्ड स्टोर के लिए लाइन खींची गई।
यह सामग्री शिकारपुर डिवीजन के तीन बिजलीघरों लिए जारी की गई थी। आरोप है कि दैवीय आपदा के नाम पर सामग्री निकालकर दूसरे डिवीजन स्याना में निजी रिसोर्ट और कोल्ड स्टोर की लाइन खींच दी गई। जबकि यह सामग्री जिस डिवीजन के लिए जारी की गई थी। उसका प्रयोग उसी डिवीजन में किया जाना चाहिए था, लेकिन अफसरों के साथ ठेकेदार ने मिलीभगत कर निजी लाइन खींच दी। एसई तृतीय शिशिर कुमार चाही ने बताया कि दूसरे डिवीजन में सामग्री का प्रयोग करने की जांच की जा रही है। जिसकी लापरहवाही मिलेगी। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - फाइलों में दबकर रह जाते हैं मामले सरकारी सामग्री से निजी लाइन खींचने के मामले उजागर होने के बाद अफसर जांच कर कार्रवाई का दावा तो करते हैं, लेकिन अधिकांश मामले फाइलों में दबकर रह जाते हैं। अब तक जहांगीराबाद के मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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